लखनऊ (जेएनएन)। उन्नाव कांड का आरोपी बीजेपी विधायक कुलदीप सेंगर का भाई रविवार को जिला जेल में अपने सह आरोपियों  के साथ एक ही बैरक में रखने की जिद पर अड़ गया। जब जेल अधिकारियों ने विरोध किया तो उन्हें अर्दब में लेकर दबाव बनाने लगा। काफी कहासुनी के बाद जेल प्रशासन ने उनकी एक नही सुनी। सभी पांचो आरोपियों को अलग अलग बैरक में बंद करा दिया। उल्लेखनीय है कि सीबीआइ रिमांड अवधि पूरी होने पर  विधायक कुलदीप सेंगर के भाई अतुल सेंगर के अलावा शीलू सिंह, विनीत, बउवा व सोनू को रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे जिला जेल में दाखिल किया गया।

जेल कर्मियों को देख लेने की धमकी 

जेल में तलाशी के दौरान अतुल ने जेल कर्मियों को अदर्ब में लेने की कोशिश की लेकिन दर्जनभर जेल कर्मियों और भारी संख्या में लंबरदारों के सामने कुछ बोलने की हिम्मत नही जुटा पाया। तलाशी की कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद जेल डॉक्टरों द्वारा मेडिकल कराया गया उसके बाद जेल प्रशासन ने सबको अलग-अलग बैरकों में बंद करने के लिए बोला तो अतुल विरोध में बोल उठा पांचो लोग एक ही बैरक में रहेंगे। पांचो विरोध करते हुए एक ही बैरक में रखने की जिद पर अड़ गए और जेल कर्मियों से देख लेने की धमकी देते हुए झगड़ा करने पर आमादा हो गए। जेलर और डिप्टी जेलर के आने पर शांत हुए लेकिन एक ही बैरक में रखने की जिद पर अड़ गए। करीब आधा घंटा तक ये ड्रामा चलता रहा। आखिर में वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय ने अतुल सहित सभी आरोपियों को जेल कर्मियों से जबरन अलग बैरकों में ले जाकर बंद करा दिया। वही मामला हाई प्रोफाइल और सीबीआई की वजह से जेल प्रशासन किसी तरह होने की हीलाहवाली की वजह से चौकन्ना है। अतुल समेत सभी आरोपियों की चौकसी बढ़ा दी है इनसे जो मिलने आएंगे उनका आईडी और फ़ोटो लेने के बाद ही मुलाकात कराएगा। सर्किल चार की अलग अलग बैरक में इन्हें रखा गया है साथ ही सीसीटीवी कंट्रोल रूम से बराबर इनपर नजर भी रखी जा रही है।

पीडि़ता के चाचा ने दी अतुल के हथियारों की जानकारी

उन्नाव मामले में पीडि़ता के चाचा ने सीबीआइ को विधायक के भाई अतुल के हथियारों की तस्वीर दी है। चाचा ने कहा कि इन्हीं हथियारों से उसके भाई को पीटा गया, जिससे उनकी मौत हुई। सोमवार को सीबीआइ की टीम एक बार फिर उन्नाव जाएगी। इस दौरान इन हथियारों को कब्जे में भी लिया जा सकता है। इसके साथ ही आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से मिली जानकारी को क्रॉस चेक भी किया जाएगा। पीडि़ता के चाचा ने बताया कि उन्होंने सीबीआइ टीम को हत्या के आरोप में जेल में बंद विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह के घर में रखी दो राइफल व एक बंदूक की तस्वीर सौंपी है। दावा किया कि सात महीने पहले उन्होंने इन हथियारों की तस्वीर अतुल सिंह के कमरे में ही खींची थी। इन्हीं हथियारों की बट से उनके भाई को पीट-पीटकर मरणासन्न कर दिया गया जिससे उनकी जेल में मौत हो गई। सीबीआइ सूत्रों ने बताया कि जांच में जुटी टीम सोमवार को उन्नाव पहुंचेगी और पीडि़ता व परिवारीजन के बयान एक बार फिर से दर्ज करेगी। इसके अलावा सीबीआइ टीम विधायक की मदद करने के आरोप में सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों से भी एक बार फिर पूछताछ कर सकती है। 

 

Posted By: Nawal Mishra

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