लखनऊ [ राज्‍य ब्‍यूरो ]। उत्‍तर प्रदेश में कोविड-19 का प्रकोप कम होने के बाद से योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने सूबेे में परियोजनाओं को फिर रफ्तार देने की कोशिश शुरू कर दी है। इसके तहत ही मुख्य सचिव आरके तिवारी ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन की राज्य स्तरीय उच्चाधिकार समिति की बैठक की। इसमें मिशन की 199.33 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को जल्द पूरा करने के लिए उनमें बदलाव को मंजूरी दी गई। साथ ही विभिन्न जिलों के लिए नई परियोजनाएं स्वीकृत की गईं। इस क्रम में श्रावस्ती में एक नए क्लस्टर का चयन इकौना तहसील में किया गया।

लोकभवन में सोमवार को हुई बैठक में रूर्बन मिशन के तहत प्रदेश के 16 जिलों में काम को गति देने के लिए कुछ निर्णय लिए गए। 19 क्लस्टर की स्वीकृत डीपीआर यानी डिटेल प्राेेेेेजेक्‍ट  रिपोटर् में आ रही समस्याओं के निदान के लिए 199.33 करोड़ की परियोजनाओं में परिवर्तन की स्वीकृति दी गई, ताकि प्रस्तावित काम को समय से पूरा किया जा सके। इसी तरह चित्रकूट में रूर्बन उद्यमिता प्रशिक्षण विकास केंद्र, पर्यटन सुविधा केंद्र, रूर्बन मिड-वे निर्माण, रूर्बन आडिटोरियम, मल्टीपरपज काम्प्लेक्स, सोनेपुर में रूर्बन आजीविका प्रशिक्षण केंद्र, बहराइच में पाइप वाटर सप्लाई नेटवर्क और मीरजापुर में मल्टीपरपज कम्युनिटी सेंटर को स्वीकृति दी गई।

टेक होम राशन परियोजनाओं को रूर्बन और यूपीएसआरएलएम के माध्यम से चलाने का निर्णय

बैठक में रूर्बन क्लस्टर पर भी चर्चा की गई। इसके तहत टेक होम राशन परियोजनाओं को रूर्बन और यूपीएसआरएलएम के माध्यम से चलाने का निर्णय लिया गया है। यह परियोजनाएं लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मीरजापुर, बहराइच, चित्रकूट और सोनभद्र में शुरू की जा रही हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास मनोज कुमार ङ्क्षसह, अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला व अपर आयुक्त ग्राम्य विकास योगेश कुमार सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

Edited By: Mahendra Pandey