फैजाबाद [रविप्रकाश श्रीवास्तव]। अयोध्या के लिए एक बार फिर खतरे की घंटी है। आइएसआइ एजेंट आफताब और लश्कर के आतंकी सलीम खान के बीच उजागर हुआ रिश्ता अयोध्यावासियों और सुरक्षा एजेंसियों की ङ्क्षचता बढ़ाने वाला है। आफताब-सलीम के संबंध ने रामनगरी पर आतंकी खतरे की आशंका को नए सिरे से ङ्क्षजदा कर दिया है। सलीम आतंक का नेटवर्क फैलाने के लिए आफताब को धन मुहैया कराता था। सुरक्षा एजेंसियों की प्रारंभिक जांच में ये बात सामने आ चुकी है।

फैजाबाद निवासी आफताब और सलीम की साठगांठ यह बताती है कि लश्कर-ए-तैयबा अयोध्या-फैजाबाद में अपने पांव फैलाने की साजिश रच रहा है। इसका राजफाश पहले भी होता रहा है। 20 साल पहले 1997 में लश्कर के एरिया कमांडर इमरान की अयोध्या के निकट सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मौत से भी इस हकीकत की तस्दीक हो चुकी है। लश्कर रामनगरी को अशांत करने के लिए साजिश रचता रहा है। ऐसे में धर्मनगरी की सुरक्षा को लेकर केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से बड़ा कदम उठाया जाना अब बेहद जरूरी हो चुका है।


खुफिया संगठनों की ओर से प्रमुख आतंकी संगठनों में शामिल लश्कर- ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन व जैश-ए-मोहम्मद आदि की सक्रियता समय-समय पर महसूस की जाती रही है। ऐसा नहीं है कि इमरान के मारे जाने के बाद लश्कर ने अयोध्या के खिलाफ साजिशें रचनी बंद कर दी हों। पांच जुलाई, 2005 को अयोध्या में अधिग्रहीत परिसर पर हुए आतंकी हमले में शामिल पांचों आतंकियों के लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने की आशंका तत्समय सुरक्षातंत्र ने जाहिर की थी।

पहले इमरान उसके बाद आतंकी हमला और फिर आफताब से सलीम के रिश्ते। कहीं न कहीं एक आतंकी संगठन से जुड़ते ये घटनाक्रम अयोध्या-फैजाबाद में फैलती लश्कर की जड़ों की ओर इशारा करते हैं। फिलहाल तीन मई को हुई आफताब की गिरफ्तारी स्थानीय सुरक्षा तंत्र की आंख खोलने वाली रही। आतंकी नेटवर्क सामने आने के बाद जुड़वा शहरों में सुरक्षा तंत्र खासा सक्रिय हो चुका है। संदिग्धों की तलाश में अयोध्या-फैजाबाद में भवन स्वामियों के लिए किराएदारों का सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया गया है।

रहस्य ही बना हुआ है स्टेशन पर दिखा संदिग्ध
घटना इसी वर्ष दस जनवरी की है। फैजाबाद रेलवे स्टेशन पर खड़े किशोर ने एक संदिग्ध के स्टेशन पर मौजूद होने की सूचना पुलिस को दी थी। उसके पास हथियार थे और वह किसी को वाकीटाकी पर निर्देश दे रहा था। सूचना पर पुलिस सक्रिय जरूर हुई लेकिन, उस संदिग्ध का अभी तक पता नहीं चल सका है।

अयोध्या में घटनाएं
-1997 में लश्कर के एरिया कमांडर इमरान की अयोध्या के दक्षिणी-पूर्वी सीमा पर एनकाउंटर में मौत।
-1998 में हनुमानगढ़ी के सामने बरामद हुआ कुकर बम।
-मार्च 1999 में अयोध्या रेलवे स्टेशन से घातक विस्फोटक की बरामदगी।
-पांच जुलाई 2005 को अयोध्या स्थित अधिगृहीत परिसर पर फिदायीन हमला। पांचों आतंकी ढेर।
 

Posted By: Ashish Mishra

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