लखनऊ, राज्य ब्यूरो। एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो) डायरेक्टर रामफल पवार ने शुक्रवार को उप्र पुलिस के आधुनिकीकरण की रफ्तार को परखा और कई अहम निर्देश भी दिए। डीजीपी मुकुल गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में रामफल पवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) के उपयोग को बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया। कहा कि उत्तर प्रदेश में थाना स्तर पर इस सिस्टम के प्रयोग को बढ़ाने की जरूरत है। महाराष्ट्र व तेलंगाना में इसका प्रभावी उपयोग हो रहा है। 

उन्होंने सीसीटीएनएस में उपलब्ध क्राइमैक के जरिए किसी बड़ी घटना पर प्रदेश से लेकर अन्य राज्यों की पुलिस को अलर्ट मैसेज भेजे जाने की सुविधा है। साथ ही गुमशुदा बच्चों व लावारिश शव के मामलों में उनके विवरण का मिलान राष्ट्रीय स्तर के रिकार्ड से कराया जा सकता है। ऐसे ही अन्य सुविधाओं के प्रयोग को थाना स्तर पर बढ़ाने की बात कही। उन्होंने यूपीकाप एप व उसकी सुविधाओं की प्रशंसा भी की। बताया गया कि इस एप का प्रयोग प्रदेश में करीब 17 लोग कर रहे हैं। ई-एफआइआर की सुविधा का लाभ भी उठा रहे हैं।

वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सभी जोन, रेंज व जिलों के अधिकारी भी बैठक से जुड़े थे। बैठक में एनसीआरबी द्वारा विकसित विभिन्न एप का प्रस्तुतिकरण भी हुआ। साइबर क्राइम रिर्पोटिंग पोर्टल व डिजिटल पुलिस पोर्टल को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। एनसीआरबी के अधिकारी अलग-अलग राज्यों का भ्रमण कर पुलिस आधुनिकीकरण के तहत विकसित योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। साथ ही राज्य स्तर पर विकसित किए गए विभिन्न एप की खूबियों को भी देखा जा रहा है। एनसीआरबी के अधिकारियों ने लखनऊ के दो थानों का भी भ्रमण किया। सूत्रों के मुताबिक, वे इन थानों की सुविधाओं से संतुष्ट नजर आए।  

Edited By: Vikas Mishra