यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ayodhya Naga Monk Murder: अयोध्या में नागा साधु की ईंट से कूंच कर हत्या, गोशाला में खून से लथपथ मिला शव
Ayodhya Naga Monk Murder अयोध्या में नागा साधु की दर्दनाक हत्या। शव मंदिर से जुड़ी गोशाला में खून से लथपथ ...और पढ़ें

अयोध्या, जेएनएन। Ayodhya Naga Monk Murder: रामनगरी अयोध्या में रविवार सबुह एक नागा साधु की हत्या का मामला सामने आया है। जमीनी विवाद में एक साधु की ईंट से कूच कर हत्या कर दी गई। उनका शव मंदिर से जुड़ी गोशाला में पाया गया। मृतक साधु के गुरु भाई रामानुजदास की ओर से तहरीर पुलिस को दी गई है, जिसमें जमीनी व मकान के विवाद को लेकर गोशाला के एक अन्य साधुवेशधारी पर आरोप लगाया है। सूचना पाकर एसएसपी शैलेश पांडेय ने भी मौके पर पहुंच कर जानकारी ली। विवाद की आशंका में घटना स्थल पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
दरअसल, मृतक साधु कन्हैयादास हनुमानगढ़ी के बसंतिया पट्टी से जुड़े गुलचमन बाग के संत थे। उनकी उम्र 45 वर्ष थी। शव के सिर में गंभीर चोट के निशान पाए गए हैं। रामानुजदास का कहना है कि कन्हैयादास हनुमानगढ़ी से जुड़े गुलचमन बाग में रहते थे। सिर्फ रात्रिविश्राम के लिए चरण पादुका गोशाला जाते थे। शनिवार को भी वह गोशाला में रात्रि विश्राम के लिए गए थे।
रामानुजदास का आरोप है कि कन्हैयादास का गोशाला में ही रहने वाले शशिकांत दास उर्फ गोलू से भूमि व मकान का विवाद चल रहा है। उसी ने रंजिशन कन्हैया दास की हत्या की है। रामानुजदास की ओर से तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी शशिकांत दास को हिरासत में ले लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। शशिकांत दास भी गुलचमन बाग का रहने वाला है। गुलचमनबाग रामनगरी के थाना रामजन्मभूमि क्षेत्र में पड़ता है, जबकि घटना कोतवाली अयोध्या क्षेत्र स्थित चरण पादुका गोशाला की है। कोतवाल अयोध्या अशोक सिंह ने बताया कि शशिकांत दास के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। विवाद जमीन गुलचमन बाग की ही है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
