लखनऊ, जागरण संवाददाता। बुधवार दोपहर से जारी तेज बारिश से शहर पानी-पानी हो गया। तेज हवा के साथ बारिश से कई जगह पेड़ गिर गए। कुकरैल नाला ओवरफ्लो होने के कारण गोमती बैराज के गेटों को खोला गया, जिससे पानी का बहाव मिल सके। कुकरैल का नाला ओवरफ्लो होने से ट्रांसगोमती के कई इलाकों में जलभराव की भीषण समस्या खड़ी हो गई। फैजुल्लागंज, खदरा, अलीगंज, चौक, आलमबाग, हजरतगंज, गोमतीनगर, निशातगंज, महानगर समेत आशियाना और कानपुर रोड कॉलोनी में जलभराव रहा। टिकैतराय कॉलोनी में भी जलभराव से हर कोई घरों में कैद है। 

उधर, गोमती नदी का जलस्तर बढ़ गया है। गऊघाट के पास गोमती का जलस्तर सामान्य तौर पर 345 फीट (समुद्र तल) रहता है लेकिन गुरुवार दोपहर 12 बजे तक जलस्तर 347 फीट हो गया था। गोमतीनगर में ग्वारी चौराहे से हुसडिय़ा चौराहे की तरफ, ग्वारी चौराहे से विशालखंड की तरफ, स्टेशन रोड, विक्रमादित्य मार्ग, निरालानगर आठ नंबर चौराहे पर पेड़ गिरे। इंदिरानगर मुंशी पुलिया से सेक्टर-25 की सड़क पर भी पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा। 

लो-लाइन क्षेत्र में अधिक परेशानीः अनियोजित तरह से बनी कॉलोनियों में बारिश के बाद बुरा हाल है। कानपुर रोड से जुड़े इलाकों में लोग घरों में कैद हैं। आलमबाग की पवन पुरी, प्रेमनगर, नटखेड़ा रोड के साथ ही कृष्णानगर के भोला खेड़ा में घरों में पानी घुस गया है। सीतापुर रोड, कुर्सी रोड, तेलीबाग समेत कई मोहल्लों में अभी भी पानी भरा है। वहीं, नगर आयुक्त अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि बारिश के बाद नाले बैकफ्लो न होने पाए, इसलिए सभी 48 बाढ़ पंम्पिंग स्टेशन को पूरी क्षमता के साथ चलाया जा रहा है, जिससे जलभराव को कम किया जा सके। कुकरैल का नाला बैकफ्लो होने के कारण सिंचाई विभाग से बात कर गोमती बैराज के सभी गेटों को खोल दिया गया है। जलभराव वाले क्षेत्रों में पम्प लगाए गए है। नगर निगम के साथ ही जलकल के अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण करने को कहा गया है। जहां पर पेड़ गिरे हैं, वहां पर उद्यान विभाग की टीम को लगाकर उन्हें हटाया जा रहा है।

Edited By: Vikas Mishra