लखनऊ, जागरण संवाददाता।  उदयगंज में सोमवार दोपहर प्रापर्टी डीलर विष्णु अग्रवाल के दफ्तर में घुसे नकाबपोश तीन बदमाशों ने उन्हें चाकू के जोर पर बंधक बना लिया। विरोध पर बाएं हाथ की तीन अंगुलियां काट दी। सोने की दो चेन, दो अंगूठी और ड्रार में पड़े कुछ रुपये लूट लिए। इसके बाद धमकाते हुए कुर्सी में हाथ पैर बांध कर मुंह पर टेप लगा दिया। वारदात को अंजाम देकर बदमाश भाग निकले। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

हुसैनगंज में रहने वाले विष्णु अग्रवाल प्रापर्टी डीलर हैं। उदयगंज में उनका आफिस है। सोमवार दोपहर आफिस में वह अकेले बैठे थे। विष्णु के मुताबिक इस बीच तीन नकाबपोश बदमाश एकाएक आफिस के अंदर घुसे। उन्होंने घेर लिया। विरोध पर एक ने गर्दन पर चाकू रख दी। शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी और बाएं हाथ पर चाकू से वार किया। जिससे तीन अंगुलियां कट गई।

बदमाशों ने आनन फानन हाथ से दो सोने की अंगूठी और गले से दो सोने के चेन निकाल ली। इसके बाद कुर्सी से हाथ पैर बांध दिए और फिर मुंह पर टेप चिपकाकर भाग निकले। बदमाशों के जाने के बाद किसी तरह बंधन मुक्त हुआ। आस पड़ोस के लोगों को जानकारी दी। पुलिस को सूचना दी गई। इंस्पेक्टर हुसैनगंज श्याम सिंह और पुलिस बल पहुंचा।

आनन फानन पुलिस स्थानीय लोगों कीक मदद से अस्पताल लेकर पहुंची। सिविल में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। इसके बाद फील्ड यूनिट ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। इंस्पेक्टर ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीनों की तलाश में दबिश दी जा रही है।

वारदात के बाद अगल-अगल गली में भागे बदमाश : प्रापर्टी डीलर विष्णु अग्रवाल के आफिस में लूटपाट करने के बाद तीनों बदमाश बाहर निकले। इंस्पेक्टर ने बताया कि तीनों बदमाश अगल-अलग दिशा में भागे हैं। बदमाशों की फुटेज मुख्य मार्ग से मिली है। विष्णु की दुकान के अंदर सीसी कैमरा नहीं था। वह धुंधली है। कद काठी से नार्मल लग रहे हैं। फुटेज को साफ कराया जा रहा है। जल्द ही बदमाशों को पकड़ लिया जाएगा। बदमाशों के उम्र करीब 22 से 25 वर्ष के बीच है। बदमाश नकाबपोश थे।

दहशत के पांच मिनट : विष्णु ने बताया कि बदमाश दुकान में करीब चार से पांच मिनट रुके थे। तीनों बदमाश एकाएक आफिस के अंदर घुसे और उन्होंने घेर कर बंधक बना लिया। चाकू गले पर रखा तो पसीना-पसीना हो गया। आशंका थी कि शायद मार ही न दें। इस कारण अंगुलियां कटने के बाद भी मारे डर के चीखा नहीं। जरा सी चूक होती तो बदमाश जान से मार देते।

Edited By: Anurag Gupta