लखनऊ, राज्य ब्यूरो। वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था सुदृण हुई है और इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हो रहा है। इंवेस्टर अपना उद्योग लगाने के लिए निरंतर आकर्षित हो रहे हैं। यही वजह है कि ईज आफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश लंबी छलांग लगाते हुए दूसरे स्थान पर पहुंचा है। अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के तीसरे दिन मंगलवार को उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड गोमतीनगर के सभागार में वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड ने अच्छा कार्य किया है, इसीलिए वह मुनाफे में है और उसकी छवि में सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि कार्यदायी संस्था यदि एक क्षेत्र में बेहतर काम कर दे तो उसके विकास के रास्ते खुल जाते हैं, बशर्ते समय पर बिना लागत बढ़े कार्य पूरा होना चाहिए। आश्वस्त किया कि संस्था की क्षमता बढ़ाने का प्रयास करेंगे, ताकि उसके बड़े लक्ष्य पूरे हो सकें।

उन्होंने कहा कि कोआपरेटिव को केवल खाद बेचने व धान और गेहूं खरीदने तक ही सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसको और अधिक बहुआयामी बनाना चाहिए। इससे रोजगार सृजित होंगे और लोगों को अधिक लाभ व सुविधाएं मिल सकेंगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की एक करोड़ महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोडऩे का लक्ष्य है।

सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने कहा कि सहकारिता के प्रति लोगों की सोच बदली है और विश्वास बढ़ रहा है, इसीलिए सभी सहकारी संस्थाएं लाभ में हैं। प्रदेश में अभी न्याय पंचायत स्तर पर 7479 साधन सहकारी समितियां हैं, इसे हर गांव में करीब 60 हजार समितियां खोलने की तैयारी है। समितियां बढ़ने से वहां के लोगों को इसमें काम करने का मौका मिलेगा। प्रमुख सचिव सहकारिता बीएल मीणा ने कहा कि समितियों के माध्यम से किसानों को ऋण व खाद, बीज मुहैया कराया जा रहा है। प्रबंध निदेशक धीरेंद्र ङ्क्षसह, मुकेश द्विवेदी, अरवि‍ंद कुमार सि‍ंह, श्रीकांत गोस्वामी, राम प्रकाश व सभापति सूर्य प्रकाश पाल आदि इस मौके पर मौजूद थे।

Edited By: Anurag Gupta