यूपी की राजधानी लखनऊ शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति कर रही है। वहीं, अतिक्रमण यहां की सबसे बड़ी समस्या है। इन सबके बीच नवाबों के शहर में सुरक्षा सबसे अहम सवाल है। ‘माय सिटी माय प्राइड’ अभियान में पांच मानक शिक्षा, स्वास्थ्य, इन्फ्रास्ट्रक्चर, अर्थव्यवस्था, और सुरक्षा के आधार पर लोगों से सवाल पूछे थे। इस बावत केपीएमजी की ओर जारी रिपोर्ट में सामने आया है कि 10 शहरों की रेटिंग में लखनऊ दूसरे नंबर पर है। लखनऊ को औसत 3.37 अंक मिले हैं।

लखनऊ के बारे में जो रेटिंग सामने आई है, उसके मुताबिक लखनऊ शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अच्छा कर रहा है। उसको शिक्षा में 3.48 अंक मिले हैं। वहीं, सुरक्षा लखनऊ वासियों के लिए‍ अभी भी चिंता का विषय है। इस मामले में लखनऊ वासियों ने 5 में से सुरक्षा को 3.11 अंक दिए हैं। हालांकि, स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब यूपी में डायल 100 सेवा शुरू हो चुकी है। जो कि कानून-व्यवस्था के लिए सरकार की ओर से उठाया गया एक अहम कदम माना जाता है। वहीं, अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य में लखनऊ वासियों ने कुल 3.45 अंक दिए हैं। जबकि इन्फ्रास्ट्राक्चर में 3.31 अंक मिले हैं।

लखनऊ स्कूलों की उपलब्धता के मामले में बेहतर है। लोगों ने इस मामले में 3.86 अंक दिए हैं। लखनऊ को बिजली आपूर्ति के बारे में 5 में से 3.8 अंक मिले हैं। अस्पतालों की उपलब्धता के बारे में भी लखनऊ काफी बेहतर है। लखनऊ में राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएशन इंस्टीट्यूट हैं। कुल मिलाकर लखनऊ मेडिकल सुविधाओं के लिहाज से बेहतर है। अब इलाज के लिए लोगों को दिल्ली की दौड़ लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। काम करने के लिहाज से भी लखनऊ को 3.73 अंक मिले हैं। इसी तरह खानपान का खर्चा, किराया, घर कितना वहनीय है। इस बावत लखनऊ को 3.65 अंक मिले हैं।

पुलिस की काबिलियत पर सवाल

सुरक्षा के लिहाज से पूछे गए कई सवालों में लोगों ने अपनी चिंता व्यक्त की है। जिसमें शाम 7 बजे के बाद सफर करने में लखनऊ की महिलाओं को डर लगता है। यहां लोगों ने 3.05 अंक दिए हैं। लखनऊ सड़क पर होने वाले अपराधों से भी काफी परेशान है। यहां के लोग चेन स्नैचिंग, जेबतराशी के मामलों में भी काफी चिंतित हैं। इस मामले में लखनऊ वासियों ने 2.92 अंक दिए हैं। माय सिटी माय प्राइड महाअभियान सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक को 3.01 अंक दिए हैं।

By Krishan Kumar