मायावती का योगी सरकार पर तंज, बोलीं- हाईकोर्ट में कमजोर पैरवी के कारण लगा SC आरक्षण पर स्टे
इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में SC वर्ग के लिए अतिरिक्त आरक्षण पर रोक लगाने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है।

बसपा सुप्रीमो मायावती। (तस्वीर- फाइल)
HighLights
यूपी के मेडिकल कॉलेजों में SC आरक्षण पर हाईकोर्ट की रोक।
मायावती ने राज्य सरकार की पैरवी पर उठाए गंभीर सवाल।
दलित छात्रों के हित में सुप्रीम कोर्ट जाने की मांग की।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, अंबेडकरनगर, कन्नौज और जालौन जिलों में स्थित मेडिकल कॉलेजों में अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए अतिरिक्त आरक्षण की व्यवस्था पर इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा पाबंदी लगाए जाने के बाद प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है।
इस मामले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार की पैरवी पर गंभीर सवाल उठाए हैं और दलित समाज के छात्रों के हित में तुरंत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की मांग की है।
मायावती ने कहा कि सामाजिक न्याय की आवश्यकता और जनभावना की मांग यही है कि उत्तर प्रदेश सरकार को अदालत में इस मामले को मजबूती से रखना चाहिए था। 'स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान' के बजट से इन चारों जिलों में मेडिकल कॉलेजों का निर्माण कराया गया था, ताकि एससी समाज का कल्याण हो सके।
1. बहुचर्चित सामाजिक न्याय की ज़रूरत व माँग भी यही है कि यूपी सरकार माननीय न्यायालय में यदि इस बात की पुरज़ोर पैरवी करती कि एससी समाज के हित व कल्याण हेतु ’स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान’ के धन से ज़िला सहारनपुर, अम्बेडकरनगर, क़न्नौज व जालौन में बनाये गये मेडिकल कालेजों में एससी वर्ग…
— Mayawati (@Mayawati) September 18, 2026
ऐसे में इन संस्थानों में एससी वर्ग के लिए अतिरिक्त आरक्षण की व्यवस्था 50 प्रतिशत की सामान्य आरक्षण सीमा से अलग है और यह स्पेशल कम्पोनेन्ट प्लान की वास्तविक उपयोगिता को सिद्ध करती है।
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि यदि सरकार इस तर्क को हाईकोर्ट के समक्ष पुरजोर तरीके से प्रस्तुत करती, तो अदालत इस पर सकारात्मक विचार करती और व्यवस्था पर रोक नहीं लगाती।
