यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मायावती ने नोटबंदी के विरोध में बैंकों की हड़ताल को जायज ठहराया
बसपा मुखिया मायावती ने नरेंद्र मोदी को नोटबंदी फैसले पर घेरा और आरोप लगाया कि नोटबंदी के अपरिपक्व फैसले से पीडि़त बैंककर्मियों की मांग जायज है।

लखनऊ (जेएनएन)। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने बैंकों की हड़ताल का समर्थन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नोटबंदी फैसले पर घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि नोटबंदी जैसा अपरिपक्व फैसला लेने से पीडि़त बैंक कर्मचारियों की मांग जायज है। केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करते हुए उनको प्राथमिकता से हल कराना चाहिए। नोटबंदी के बाद बनाए गए तमाम नियमों से बैंकों के हालात पुलिस थानों जैसे हो चुके हैं।
बसपा मुखिया ने देवरिया व महाराजगंज जिलों में आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभाओं पर टिप्पणी करते हुए अर्थव्यवस्था सुधरने के फर्जी आंकड़े प्रस्तुत करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि वादाखिलाफी में माहिर प्रधानमंत्री की जुमलेबाजी से जनता पर कोई प्रभाव नहीं पडऩे वाला है। मोदी द्वारा किया नोटबंदी का कारनामा किसी से छिपा नहीं है। उनकी विकास की कहानी लोगों को हजम नहीं हो पा रही। मोदी की जुमलेबाजी से अब जनता गुमराह न होगी।
मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री बार-बार प्रदेश में जंगलराज होने और पुलिस थाने सपा के दफ्तर बनने की बात करते हैं परंतु गत तीन वर्ष से चुपचाप बने रहना केंद्र सरकार की नीयत पर संदेह बढ़ता है। मोदी एक बार प्रदेश की जनता को बरगला कर प्रधानमंत्री पद पा गए लेकिन अब ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न नहीं होगी। लुभावने व हवाहवाई वादों के बहकावे में जनता नहीं आएगी। मायावती ने कहा कि मोदी सरकार पूर्ववर्ती यूपीए सरकारों की तरह धन्ना सेठों व पूंजीपतियों के हितों का ही ध्यान रखती है।
