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खरगे के बयान पर मायावती ने जताई गहरी चिंता, कांग्रेस अध्यक्ष को दे डाली नसीहत

Published: Tue, 27 Oct 2026 02:04 PM (IST)

बसपा अध्यक्ष मायावती ने भारतीय राजनीति में बढ़ती कटुता और अमर्यादित बयानबाजी पर चिंता व्यक्त की है।

बसपा सुप्रीमो मायावती। (तस्वीर- फाइल)

बसपा सुप्रीमो मायावती। (तस्वीर- फाइल)

HighLights

  1. मायावती ने भारतीय राजनीति में बढ़ती कटुता पर गहरी चिंता व्यक्त की।

  2. नेताओं से आपसी सम्मान बनाए रखने और मर्यादित आचरण की अपील।

  3. गरीबी, बेरोजगारी जैसे जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भारतीय राजनीति में बढ़ती कटुता, आपसी अविश्वास और अमर्यादित बयानबाजी पर चिंता जताई है।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप अब व्यक्तिगत स्तर पर पहुंचकर असंसदीय, अपमानजनक और जातिवाद से ग्रसित होते जा रहे हैं। यह देश की गरिमा और मान-मर्यादा के लिहाज से बेहद चिंताजनक है।

मायावती ने कहा कि शीर्ष पदों पर बैठे लोगों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए। यदि यह संभव नहीं है तो कम से कम आपत्तिजनक और विषैली राजनीति को बढ़ावा देने से बचना चाहिए।

संकीर्ण, स्वार्थपरक और गरीब-विरोधी राजनीति के बढ़ते चलन से जनता का राजनीतिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर होना, देश और जनहित में नहीं है। सरकारी स्तर पर भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया पर उठ रहे सवालों के कारण जनता पहले से ही बेचैन है।

ऐसे में नेताओं के बीच वर्चस्व और प्रतिष्ठा की लड़ाई, माहौल को और अधिक विषाक्त बना रही है। जनता चाहती है कि राजनीतिक दल देश में बढ़ती गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी ज्वलंत समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें। सभी दलों को इस पर विचार करते हुए संयमित और जिम्मेदार आचरण करना चाहिए।

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