2027 चुनाव की तैयारी में जुटीं मायावती, 3 सितंबर को बुलाई देशभर के पार्टी पदाधिकारियों की बैठक
बसपा प्रमुख मायावती ने 3 सितंबर को लखनऊ में देशभर के पार्टी पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में ...और पढ़ें

बसपा प्रमुख मायावती।
HighLights
मायावती ने 3 सितंबर को देशभर के बसपा पदाधिकारियों की बैठक बुलाई।
पार्टी संगठन और जनाधार बढ़ाने के कार्यों की समीक्षा होगी।
आगामी विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन की रणनीति पर मंथन।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। कुछ माह बाद ही उत्तर प्रदेश सहित पंजाब व उत्तराखंड आदि राज्यों के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन के लिए बसपा प्रमुख मायावती ने तीन सितंबर को लखनऊ में देशभर के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई है।
पार्टी संगठन व जनाधार बढ़ाने के कार्यों की समीक्षा के नाम पर होने वाली बैठक में बसपा प्रमुख अहम निर्णय कर सकती हैं। मायावती की चुनाव से पहले पार्टी की ताकत दिखाने के लिए नौ अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर राजधानी में बड़ी जनसभा करने की भी तैयारी है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी के बेहतर प्रदर्शन के लिए मायावती ने तीन सितंबर को माल एवेन्यू स्थित प्रदेश मुख्यालय में पार्टी के देशभर के वरिष्ठ पदाधिकारियों की पूर्वाह्न 10 बजे से बैठक बुलाई है।
बैठक में सभी राज्यों के प्रभारियों के अलावा उत्तर प्रदेश के मंडल व जिले के पदाधिकारियों को भी बुलाया गया है। मायावती द्वारा राष्ट्रीय स्तर की बैठक बुलाए जाने को लेकर तमाम तरह की चर्चा हो रही है।
सूत्र बताते हैं कि बैठक में पार्टी का जनाधार बढ़ाने के कार्यों की समीक्षा करने के साथ ही मायावती बसपा के संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर नौ अक्टूबर को पिछले वर्ष की तरह लखनऊ में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम में भारी भीड़ जुटाने की रूपरेखा के बारे में भी बताएंगी।
अगले वर्ष 15 जनवरी को आयोजित होने वाले ‘जनकल्याणकारी दिवस’ पर पार्टी के आर्थिक सहयोग को पिछले वर्ष से बेहतर करने का लक्ष्य भी पदाधिकारियों को सौंपेंगी। उल्लेखनीय है कि बसपा का लोकसभा से लेकर विधानसभा व विधान परिषद में वर्तमान में कोई भी सदस्य नहीं है।
पिछले लोकसभा चुनाव में शून्य पर सिमट चुकी बसपा का विधानसभा चुनाव में भी बेहतर प्रदर्शन न रहने पर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा खतरे में पड़ सकता है। विदित हो कि गठबंधन से बसपा को सीट और वोट प्रतिशत का नुकसान होने की बात कहते हुए मायावती पहले ही सभी राज्यों में अकेले ही चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुकी हैं।
