लखीमपुर, जेएनएन। गोकशी की आशंका में मझगई पुलिस ने एक ग्रामीण की पिटाई कर दी। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। खराब दशा में पुलिस उसे लेकर अस्पताल पहुंची, जहां उसने दम तोड़ दिया। आनन-फानन में पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। मामले को बिगड़ते देख कई थानों की पुलिस को पलिया बुला लिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने घटना स्थल का मौका मुआयना कर ग्रामीणों से भी मुलाकात की। उन्हे संयम बरतने को कहा है। साथ ही यह भी कहा कि मामले में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 

ये है पूरा मामला

मामला पलिया कोतवाली क्षेत्र के अन्तर्गत मझगईं चौकी का है। ग्रामीणों ने बताया कि मझगईं चौकी के पुलिस कर्मियों ने गुरुवार की  रात करीब दो बजे गुलराटांडा गांव में दबिश देकर चार लोगों को पकड़ा था। आरोप है कि नशे में धुत पुलिस कर्मियों ने पकड़े गए ग्रामीणों पर गोकशी करने की बात कहकर पिटाई कर दी। इसी बीच पिटाई से दोदन (55) पुत्र कालू की हालत बिगड़ गई। पुलिस उसे पहले चौकी ले आई और बाद में भी जब उसकी हालत सही नहीं हुई तो उसे लेकर पलिया अस्पताल पहुंची। यहां पर उसे भर्ती कराने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया। दोदन की मौत के बाद पुलिस कर्मियों के होश उड़ गए। फौरन मामले की जानकारी अधिकारियों को दी गई और मामले को निपटाने का प्रयास शुरु कर दिया गया। इस बीच पुलिस अधीक्षक पूनम के निर्देश पर आसपास के कई थानों की पुलिस पलिया पहुंच गई। जिसमें से कुछ को मझगई चौकी पर लगा दिया गया है। 

मृतक दोदन के भांजे अली हुसैन ने बताया कि  पुलिस रात में करीब दो बजे गांव आई थी और चार लोग जलील, गुलशेर, वाजिद अली व दोदन को पकड़ा था। दोदन उस समय अपने जानवर को चारा डालकर आ रहा था। पुलिस चारों को गांव से ही मारते हुए अपने साथ ले गई थी। उसके बाद दोदन की मौत की खबर आई। आरोप है कि पुलिस की पिटाई से ही दोदन की मौत हुई है। दोदन के पुत्र गांव में इस समय मौजूद नहीं है, वे लोग काम करने बाहर गए है। उसके चार पुत्र है। मृतक के परिवारीजनों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस की बर्बरता से ग्रामीणों में काफी रोष है। ग्रामीणों ने मझगईं चौकी प्रभारी उग्रसेन व पुलिस के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर बर्खास्त करने की मांग की है। 

जिम्मेदार की सुनिए 

एसपी खीरी पूनम के मुताबिक, पुलिस वालों की पिटाई से ग्रामीण की मौत होने का आरोप गलत है। अपर पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले की जांच के लिए मौके पर भेजा गया है, जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Divyansh Rastogi

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