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निर्यात क्लस्टर से बढ़ेगा मलिहाबादी दशहरी का कारोबार, आम की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बनेगी एसओपी

Published: Fri, 18 Sep 2026 08:05 PM (IST)

मलिहाबादी दशहरी आम को देश-विदेश में मजबूत पहचान दिलाने के लिए लखनऊ मंडल में आम निर्यात क्लस्टर बनेगा।

निर्यात क्लस्टर से बढ़ेगा मलिहाबादी दशहरी का कारोबार।

निर्यात क्लस्टर से बढ़ेगा मलिहाबादी दशहरी का कारोबार।

HighLights

  1. लखनऊ मंडल में बनेगा मलिहाबादी दशहरी आम निर्यात क्लस्टर।

  2. आम की गुणवत्ता सुधारने, किसानों को प्रशिक्षण पर जोर।

  3. उन्नाव में पैक हाउस स्थापित करने की प्रक्रिया तेज होगी।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। मलिहाबादी दशहरी को देश-विदेश के बाजार में और मजबूत पहचान दिलाने के लिए लखनऊ मंडल में आम का निर्यात क्लस्टर तैयार किया जाएगा। क्लस्टर के माध्यम से आम की निर्यात गुणवत्ता बढ़ाने, किसानों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन के लिए प्रशिक्षित करने और निर्यात की राह में आने वाली अड़चनों को दूर करने पर जोर दिया जाएगा।

मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत ने कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार और उद्यान विभाग के अधिकारियों को इसके लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

शुक्रवार को उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति के तहत गठित मंडल स्तरीय कृषि निर्यात निगरानी समिति की बैठक में आम समेत मंडल से कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने पर मंथन हुआ। मंडलायुक्त ने कहा कि आम के कुल उत्पादन में निर्यात गुणवत्ता वाले आम का प्रतिशत बढ़ाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए।

इसके बाद उत्पादकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें निर्यात की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पादन के लिए तैयार किया जाए। सफल निर्यातकों की सफलता की कहानी भी तैयार कर अन्य किसानों और हितधारकों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।

कीटनाशक अवशेष की जांच पर जोर

निर्यातक देशों के मानकों पर खरा उतरने के लिए आम में पेस्टीसाइड रेजीड्यू की समस्या पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। किसानों को इंटीग्रेटेड पेस्ट मैनेजमेंट (आईपीएम) का प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए गए, ताकि फसल में कीटनाशकों के संतुलित और निर्धारित मानकों के अनुसार इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा सके। इससे निर्यात के दौरान गुणवत्ता संबंधी अड़चनों को कम करने में मदद मिलेगी।

उन्नाव में पैक हाउस की प्रक्रिया तेज होगी

बैठक में उन्नाव में पैक हाउस स्थापित किए जाने की कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। निर्यात के लिए फसल की ग्रेडिंग, पैकिंग और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए पैक हाउस महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा है।

वहीं, निर्यातकों ने लखनऊ एयरपोर्ट से उड़ानों में पर्याप्त स्पेस नहीं मिलने की समस्या मंडलायुक्त के सामने रखी। इस पर मंडलायुक्त ने एयरलाइंस से वार्ता कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।

मलिहाबादी दशहरी आम को एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल करने की दिशा में भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त ने एमएसएमई विभाग से समन्वय कर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा। इससे दशहरी को उत्पाद की ब्रांडिंग, बाजार विस्तार और निर्यात के स्तर पर बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बैठक का संचालन सहायक विपणन अधिकारी संजय कुमार ने किया।

इसमें मंडी परिषद के उप निदेशक राम जी मिश्र, संयुक्त कृषि निदेशक अजय कृष्ण, उप निदेशक उद्यान देवश वर्मा, एपीडा के एसोसिएट आलोक मिश्रा, पीक्यूएस लखनऊ के प्रदीप चिब, कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष/वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अखिलेश कुमार दुबे, पशुपालन विभाग के अपर निदेशक डॉ. अजय कुमार कनौजिया, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहायक आयुक्त विनीत कुमार पांडेय और मत्स्य विभाग की उप निदेशक सृष्टि यादव समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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