विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बरेली: 10 की जगह 5 सेमी मोटी सड़क बनाई, खुली पोल तो गंवानी पड़ी प्रशासक प्रधान की कुर्सी

Published: Fri, 18 Sep 2026 07:07 PM (IST)

बरेली की सुकटिया ग्राम पंचायत में सीसी मार्ग निर्माण में गबन के आरोप में प्रधान प्रशासक अरशद मलिक को पद ...और पढ़ें

एआई इमेज है।

एआई इमेज है।

HighLights

  1. सीसी मार्ग और नाली निर्माण में गबन के मामले में प्रशासक प्रधान और सचिव दोषी पाए गए

जागरण संवाददाता, बरेली। दमखोदा ब्लाक की ग्राम पंचायत सुकटिया के प्रधान प्रशासक अरशद मलिक की कुर्सी 10 की जगह पांच सेमी. मोटी सीसी सड़क बनाने और अतिरिक्त भुगतान करने के कारण छिन गई है। अरशद मलिक ने गबन के 21 हजार रुपये भी जमा कर दिए हैं। डीएम अविनाश सिंह ने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर अरशद मलिक को हटाकर एडीओ पंचायत को नया प्रशासक नियुक्त किया।

ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी ने 1 दिसंबर 2025 को मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया था। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने 8 जनवरी को अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की।

इसमें ग्राम प्रधान और सचिव सुनील कुमार माथुर को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया। इसके बाद प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। प्रधान ने 25 फरवरी को स्पष्टीकरण दिया, जबकि सचिव ने कोई जवाब नहीं दिया।

तकनीकी मूल्यांकन के बाद 21 जुलाई को रिपोर्ट पेश की गई, जिसके बाद फिर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसका जवाब प्रशासक प्रधान ने 9 सितंबर को दिया।

जांच में यह पाया गया कि रामपाल के घर से मंदिर तक सीसी मार्ग और नाली निर्माण में सीसी मार्ग की मोटाई 10 की जगह 7.5 सेमी थी, जिससे 6476.78 रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया।

नत्थू लाल के घर से तेजपाल के घर तक सीसी मार्ग की मोटाई 10 की जगह पांच सेमी थी, जिसमें 7741.18 रुपये का अतिरिक्त भुगतान हुआ। भगवान दास के घर से फूलचंद के घर तक सीसी मार्ग की मोटाई 10 की जगह नौ सेमी और श्चामाचरन के घर से शिवचरन के घर तक 9.5 सेमी थी, जिसमें 2920.42 रुपये और 3935.32 रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया।

प्रशासक प्रधान ने 8 सितंबर को अनियमित भुगतान के 21074 रुपये जमा किए, जिसके बाद उन्हें और सचिव को दोषी ठहराया गया। जिलाधिकारी ने अरशद मलिक को प्रशासक के पद से हटा दिया है।

डीपीआरओ कमल किशोर ने बताया कि प्रशासक प्रधान को हटा दिया गया है। जिलाधिकारी ने सचिव सुनील माथुर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिए हैं।

यह भी पढ़ें- AI के दौर में किताबों पर फिदा हुई Gen-Z, बरेली के बुक फेयर में लगी युवाओं की भारी भीड़