लखनऊ (जेएनएन)। 14 फरवरी को महाशिवरात्रि पर शुभ संयोग है। इस दिन महाशिवरात्रि का व्रत-उपवास करने वालों को तिथि और तारीख का अद्भुत और दुर्लभ संयोग मिलेगा। इस दिन तिथि भी 14 होगी और तारीख भी। साथ ही 14 फरवरी को भगवान शिव का प्रिय नक्षत्र श्रावणी है। इस नक्षत्र में शिव की पूजा शुभ फलदायी मानी गई है। 14 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत करने वालों को संक्रांति का शुभ फल भी प्राप्त होगा। इस दिन बुध कुंभ राशि में आएंगे और सूर्य से मिलेंगे। इस वर्ष महाशिवरात्रि का व्रत 14 को भी किया जा सकता है। हालांकि 13 फरवरी के लिए धर्मशास्त्रीय प्रमाण मिल जाएंगे। 14 को व्रत रखने वाले को 14 तारीख की शाम को ही चतुर्दशी तिथि में व्रत का पारण करना होगा। महाशिवरात्रि को भगवान शिव पर पर बेलपत्र के अलावा गंगाजल, गन्ने के रस, पंचामृत और कुशा के जल से भगवान का अभिषेक किए जाने की परंपरा  है।

 महाशिवरात्रि पर पूजा और उसके फल

  • संतान प्राप्ति : आटे के 11 शिवलिंग बनाकर 11 बार जलाभिषेक करें। इससे संतान प्राप्ति के योग बनते हैं।
  • कामना पूर्ति : शिवरात्रि पर 21 बिल्व पत्रों पर चंदन से नम: शिवाय लिखकर शिवलिंग पर चढ़ाएं।
  • सुख समृद्धि : बैल को हरा चारा खिलाएं। इससे जीवन में सुख-समृद्धि आएगी और परेशानियां खत्म होंगी।
  • पितर शांति : शिवरात्रि पर गरीबों को भोजन कराने से अन्न कमी नहीं होगी। पितरों को शांति मिलेगी।
  • मन शांति : पानी में काला तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें व नम:शिवाय मंत्र का जप करें। 
  • आमदनी वृद्धि : शिवरात्रि पर घर में पारद शिवलिंग स्थापना कर प्रतिदिन पूजा करें। 
  • विवाह : यदि विवाह में अड़चन आ रही है तो शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर केसर मिला कर दूध चढ़ाएं।
  • धन प्राप्ति : मछलियों को आटे की गोलियां खिलाएं। इस दौरान भगवान शिव का ध्यान करते रहें।
 

By Nawal Mishra