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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ईडी के सामने फफक पड़ा माफिया अतीक अहमद, रोते हुए बोला- 'मुझे कर दिया गया बर्बाद'

By Umesh TiwariEdited By:
Published: Wed, 10 Nov 2021 02:50 PM (IST)Updated: Wed, 10 Nov 2021 08:12 PM (IST)

यूपी पुलिस के रिकार्ड में माफिया के रूप में चिह्नित पूर्व सांसद अतीक अहमत और उसके गुर्गों की करीब 355 ...और पढ़ें

गुजरात की साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद ईडी की प्रयागराज यूनिट की टीम के सामने रोने लगा।
गुजरात की साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद ईडी की प्रयागराज यूनिट की टीम के सामने रोने लगा।

लखनऊ, जेएनएन। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार माफिया व अपराधियों के विरुद्ध अभियान के तहत की गई कार्रवाई में अब तक 1848 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त की हैं। यूपी सरकार की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई ने माफिया अतीक अहमद को पस्त कर दिया है। माफिया अतीक अहमद व गिरोह के सदस्यों की 355 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। अब फिर से अतीक की काली कमाई से जुटाई गईं संपत्तियों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्रवाई तेज करने जा रही है।

प्रयागराज पुलिस के रिकार्ड में माफिया के रूप में चिह्नित पूर्व सांसद अतीक अहमत और उसके गुर्गों की करीब 355 करोड़ रुपये कीमती चल अचल संपत्ति पिछले दो सालों के दौरान जब्त की गई है। कई स्थानों पर बुलडोजर भी चलाया गया। चल अचल संपत्तियों की बर्बादी के बाद उसकी कमर टूटी है। गुजरात की साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की प्रयागराज यूनिट की टीम के सामने रोने लगा। पूछताछ करने वाले अधिकारियों से बोला, 'मुझे बर्बाद कर दिया गया।' ईडी ने साबरमती जेल में अतीक अहमद से 27 व 28 अक्टूबर को लंबी पूछताछ की थी।

यूं तो मायावती के शासनकाल में भी अतीक अहमद के चकिया स्थित कार्यालय पर बुलडोजर चला था, मगर योगी राज में दफ्तर ही नहीं, प्रयागराज विकास प्राधिकरण से नक्शा पास करवाए बिना निर्मित घर को भी ढहा दिया गया। इसके बाद अतीक की बीवी और बच्चों ने रिश्तेदारों के घर पनाह ली। आसपास के जिलों तथा कई राज्यों में कुख्यात रहे अतीक और उसके गुर्गों की दबंगई ऐसी कार्रवाई से खत्म सी हो चली है।

प्रवर्तन निदेशालय की प्रयागराज इकाई ने तीन जून, 2019 से साबरमती की जेल में बंद अतीक के विरुद्ध कई माह पहले मनीलांड्रिंग का केस दर्ज किया था। फिर उसकी नामी-बेनामी कंपनियों और अपराध के जरिए अर्जित संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई गई। सेशन कोर्ट से इजाजत लेकर ईडी के डिप्टी डायरेक्टर समेत तीन सदस्यीय टीम 28 अक्टूबर को साबरमती जेल पहुंची थी। सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दौरान वह रोने लगा। जांच में सहयोग करने की बात कही, लेकिन कई प्रश्नों का संतोषजनक उत्तर नहीं दिया।

ईडी अधिकारियों ने उससे अर्जित संपत्ति, बैंक खातों से हुए लेनदेन, कंपनी और जुड़े लोगों, सहयोगियों के बारे में पूछताछ की। कहा जा रहा है कि अतीक की करोड़ों रुपये की कीमती संपत्तियां चिह्नित कर ली गई हैं और जल्द ही उसे अटैच किया जाएगा। प्रयागराज समेत प्रदेश के अन्य शहरों में तथा दूसरे राज्यों में अतीक अहम की काली कमाई से जुटाई गई संपत्तियों की छानबीन अंतिम चरण में है। उसके 12 बैंक खातों का भी ब्योरा खंगाला जा रहा है। ईडी के लखनऊ स्थति जोनल मुख्यालय के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह का कहना है कि प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत अतीक अहमद के विरुद्ध पड़ताल चल रही है। साक्ष्यों के आधार पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।