अब सरोजनीनगर में धंसा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, एक लेन को बंद कर शुरू कराया गया मरम्मत कार्य
Lucknow-Kanpur Expressway: सड़क के दो स्थानों पर धंसने, डिवाइडर में क्रैक आने और पिलर को जोड़ने वाले बीम की ऊपरी ...और पढ़ें

एक लेन का यातायात को बंद करा मरम्मत कार्य शुरू कराया गया
HighLights
हजारों करोड़ की लागत से बनाए गए एनएचएआई के एक्सप्रेसवे के लगातार धंसने से बढ़ी चिंता
कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाली एक लेन के यातायात को कराया गया बंद
संवाद सूत्र, लखनऊ। उन्नाव से लखनऊ तक निर्मित 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर लोकार्पण से एक माह अधिक के समय में ही 65 से अधिक गड्ढ़े होने और पानी भरने की समस्या से किरकिरी के बीच एक और बड़ी फजीहत हो गई। सरोजनीनगर में अब गौरी सैनिक स्कूल के पास सड़क धंसने और पुल के हिस्से में दरार आने से निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर गुरुवार को सड़क धंसने के बाद कानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाले एक लेन का यातायात को बंद करा मरम्मत कार्य शुरू कराया गया। प्रभावित लेन के वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर से निकाला गया। एक्सप्रेसवे पर करीब 14.6 किलोमीटर के हिस्से में दो स्थानों पर सड़क धंस गई है।
सड़क के धंसे हिस्से में कहीं सतह नीचे बैठ गई है तो कहीं सड़क पर उखड़ने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के डिवाइडर में भी क्रैक नजर आए हैं। सड़क धंसने के साथ ही पिलर को जोड़ने वाले बीम की ऊपरी सतह पर भी दरार दिखाई देने से मामला और गंभीर हो गया है।
सीमेंट भरने का काम
बीम की ऊपरी सतह पर दिखाई दे रहे क्रैक वाले हिस्से में सीमेंट भरने का काम कराया जा रहा है। वहीं सड़क के धंसे हिस्से को भी दुरुस्त करने के लिए कर्मचारी लगाए गए हैं। मरम्मत के दौरान प्रभावित लेन पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई, जिससे किसी तरह की दुर्घटना की आशंका न रहे।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए शुरू हुए अभी अधिक समय नहीं हुआ है। ऐसे में सड़क के दो स्थानों पर धंसने, डिवाइडर में क्रैक आने और पिलर को जोड़ने वाले बीम की ऊपरी सतह पर दरार दिखाई देने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
यात्रियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर इतनी जल्दी इस तरह की खामियां सामने आना गंभीर विषय है। संबंधित विभाग को सड़क और पुल के हिस्सों की तकनीकी जांच कराकर निर्माण में इस्तेमाल सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की भी जांच करनी चाहिए।
जिम्मेदार अधिकारियों ने बताया कि मरम्मत कार्य के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए वाहनों को राष्ट्रीय राजमार्ग पर से निकाला जा रहा है। अधिकारियों और निर्माण एजेंसी की निगरानी में धंसे हिस्से तथा क्रैक वाले बीम की मरम्मत कराई जा रही है। सड़क धंसने और बीम में क्रैक आने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
