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लखनऊ में जलभराव में फंसी चार हजार जिंदगियां, घरों से निकलना हुआ मुश्किल

Published: Mon, 07 Sep 2026 06:10 AM (IST)Updated: Mon, 07 Sep 2026 06:44 AM (IST)

लखनऊ के फैजुल्लागंज में बारिश के कारण कई मोहल्लों में जलभराव से लगभग चार हजार लोग तीन सप्ताह से फंसे ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. फैजुल्लागंज के कई मोहल्लों में तीन सप्ताह से जलभराव।

  2. लगभग चार हजार निवासी जलभराव से बुरी तरह प्रभावित।

  3. अनियोजित विकास और खराब जलनिकासी मुख्य कारण।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। फैजुल्लागंज के कई मोहल्लों में लोग फंस गए हैं। बारिश का पानी भरा होने से लोगों को उसी से होकर ही आना जाना पड़ रहा है। लोगों के वाहन डूब गए हैं तो पंप से ही पानी को निकाला जा रहा है। गोमती नदी से जुड़े इलाके में इस इलाके में हर साल लोग जलभराव को झेलते हैं। हालांकि सरकार के प्रयास से यहां पर 55 करोड़ से नाले का निर्माण कराया गया था और उससे कई मोहल्लों को राहत है लेकिन अभी भी कई इलाके जलनिकासी की समस्या से जूझ रहे हैं।

दरअसल अनियोजित तरह से बसाए गए फैजुल्लागंज का इलाका इतना अधिक बढ़ गया है कि नगर निगम को उसके चार वार्ड करने पड़े थे। आज भी अवैध तरह से प्लाटिंग हो रही है। पहले भई नदी तट से जुड़ी जमीनों को बेचा गया था लेकिन जलनिकासी तक कोई इंतजाम नहीं किया गया। प्रापर्टी डीलरों ने विकास का जो सपना दिखाया था, वह खोखला साबित रहा। वर्तमान समय दाऊदनगर, मामा कालोनी, पवन विहार, अलीगंज और गोमती विहार में पानी भरा है।

सामाजिक कार्यकर्ता ममता त्रिपाठी का कहना है कि तीन सप्ताह से जलभराव बना हुआ है और लगभग चार हजार निवासी प्रभावित है। न एंटी लार्वा छिड़काव हो रहा है और नाही फागिंग की जा रही है। उधर, नगर निगम के मुख्य अभियंता महेश चंद्र वर्मा का कहना है कि जिन इलाकों में जलभराव है, वह लो लाइन एरिया है और पंप की मदद से पानी को निकाला जा रहा है।

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