विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

10-20 नहीं, लखनऊ यूनिवर्सिटी के 48 विद्यार्थियों ने NET-JRF में गाड़ा झंड़ा, PhD कैटेगरी में 20 स्टूडेंट्स ने मारी बाजी

Published: Fri, 11 Sep 2026 09:54 PM (IST)

लखनऊ विश्वविद्यालय के 48 विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने CSIR UGC NET-JRF जून 2026 परीक्षा में सफलता हासिल की है।

News Article Hero Image

HighLights

  1. लखनऊ विश्वविद्यालय के 48 छात्रों ने NET-JRF परीक्षा उत्तीर्ण की।

  2. प्रकर्ष मनोहर, सोनल शुक्ला ने अखिल भारतीय दूसरी रैंक हासिल की।

  3. कुलपति ने छात्रों की सफलता को अकादमिक संस्कृति का प्रमाण बताया।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआइआर) यूजीसी नेट-जेआरएफ जून-2026 में लखनऊ विश्वविद्यालय (लवि) के विभिन्न विभागों के कुल 48 विद्यार्थियों व शोधार्थियों ने सफलता प्राप्त की है। प्राणि विज्ञान विभाग के एम.एससी. तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थी प्रकर्ष मनोहर ने लाइफ साइंसेस व भूविज्ञान विभाग की सोनल शुक्ला ने अर्थ साइंसेस में अखिल भारतीय स्तर पर दूसरी रैंक हासिल की है।

प्रकर्ष मनोहर की उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि उन्होंने यह सफलता एम.एससी. तृतीय सेमेस्टर की पढ़ाई के दौरान हासिल की है। विश्वविद्यालय के 13 विद्यार्थियों ने जेआरएफ प्राप्त किया। इनमें प्राणिविज्ञान विभाग के प्रकर्ष मनोहर (एआइआर-2) अनीशा यादव (एआइआर-33), अदिति श्रीवास्तव (एआइआर-87), सैफ सिद्दीकी (एआइआर-89), युवराज व आकांक्षा सिंह (एआइआर-122) शामिल हैं।

वनस्पति विज्ञान विभाग से भागर्वी पांडेय (एआइआर-13) व प्राची सिंह (एआइआर-96) ने जेआरएफ में स्थान बनाया। भूविज्ञान विभाग से सोनल शुक्ला (एआइआर-2) के अलावा निशांत शुक्ला (एआइआर-19) भी शामिल हैं।

यह भी पढ़ें- वीर अब्दुल हमीद के गांव को सरकार ने दिया तोहफा, केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने किया बड़ा एलान

गणित विभाग से आशीष प्रताप सिंह (एआइआर-104) व सुजीत कुमार (एआइआर-161) ने भी जेआरएफ के लिए क्वालीफाई किया। जैव रसायन विभाग से विदिशा शाक्य ने भी जेआरएफ में सफलता प्राप्त की।

यह भी पढ़ें- 100-200 नहीं; 4500 साल पुरानी हैं मांडी में मिलीं 3000 स्वर्ण मुद्राएं, गंगा घाटी सभ्यता के मिले ऐतिहासिक प्रमाण

विश्वविद्यालय के 15 अभ्यर्थियों ने नेट और 20 अभ्यर्थियों ने पीएचडी श्रेणियों में सफलता प्राप्त की। कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि हमारे विद्यार्थियों की यह सफलता विश्वविद्यालय की मजबूत अकादमिक एवं शोध संस्कृति का प्रमाण है। कुलपति ने शाम को विश्वविद्यालय के मंथन कक्ष में सभी मेधावी विद्यार्थियों व शोधार्थियों से मुलाकात की। उन्होंने सफलता के लिए बधाई दी।