आम लोगों के बीच पल रहा था आतंक! दिल्ली-फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल मामले में रडार पर लखनऊ के कई सफेदपोश
दिल्ली के लालकिला मेट्रो स्टेशन धमाके और फरीदाबाद में विस्फोटक बरामदगी की जांच लखनऊ तक पहुंच गई है।

दिल्ली के लालकिला मेट्रो स्टेशन धमाके और फरीदाबाद में विस्फोटक बरामदगी की जांच लखनऊ तक पहुंच गई है।
HighLights
दिल्ली धमाके की जांच लखनऊ तक पहुंची
डॉ. शाहीन और परवेज के लखनऊ कनेक्शन
एटीएस ने डिजिटल साक्ष्य जब्त किए
जागरण संवाददाता, लखनऊ। दिल्ली के लालकिला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके और फरीदाबाद में 2900 किलो विस्फोटक बरामद होने के बाद शुरू हुई जांच अब आर्थिक नेटवर्क, डिजिटल संपर्कों और संदिग्ध लोगों तक पहुंची है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, इसके तार लखनऊ से जुड़ते गए।
फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीन सईद और उसके भाई डा. परवेज अंसारी को लेकर एटीएस, जम्मू-कश्मीर पुलिस, स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों ने राजधानी में तेजी से जांच की। सभी साक्ष्यों को एकत्रित करने के बाद डाक्टर भाई-बहन समेत अन्य के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई।
जांच में लखनऊ का नाम सामने आने पर सभी चकित रह गए। हर कोई जानने के लिए उत्सुक था कि आखिर वह कौन आतंकी है, जो आम लोगों के बीच रह रहा है। 12 नवंबर 2025 को एटीएस और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लखनऊ के खंदारी बाजार और आइआइएम रोड स्थित घरों पर छापा मारा था।
जांच एजेंसियों ने इन स्थानों पर छापेमारी कर मोबाइल फोन, लैपटाप, पेन ड्राइव, दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद किए। एजेंसियों को संदेह है कि इन्हीं उपकरणों के जरिए संपर्क और नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि डॉ. शाहीन और डा. परवेज लखनऊ में सात से आठ लोगों के लगातार संपर्क में थे। इनमें कुछ लोग मेडिकल क्षेत्र से जुड़े बताए जा रहे हैं।
एटीएस ने उनकी काल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। एलआइयू की मदद से इन संदिग्ध संपर्कों की तलाश की जा रही है। कई लोगों के नंबर बंद मिले हैं, जबकि कुछ ने हाल में अपने ठिकाने बदल दिए हैं।
