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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी में सॉल्वर विकास ने दी एक ही दिन 2 जगह दी परीक्षा, कोई नहीं पकड़ सका; पूछताछ में सुना दी इनसाइड स्टोरी

Published: Thu, 11 Sep 2025 05:37 AM (IST)

लखनऊ पुलिस ने साल्वर गिरोह के सरगना डॉक्टर अमित गुप्ता को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि गिरोह ...और पढ़ें

विकासनगर और इंदिरानगर में साल्वर विकास ने दी परीक्षा, कोई नहीं पकड़ सका
विकासनगर और इंदिरानगर में साल्वर विकास ने दी परीक्षा, कोई नहीं पकड़ सका

HighLights

  1. साल्वर गिरोह का सरगना डॉक्टर अमित गिरफ्तार |
  2. कई परीक्षाओं में सेंध लगाने का आरोप |
  3. पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में |

आयुष्मान पांडेय, लखनऊ। गौतमपल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए साल्वर गिरोह के सगरना एमबीबीएस डाक्टर अमित के गिरोह ने एक नहीं, कई बार सिस्टम की आंखों में धूल झोंकी है। यह बात गिरोह के सदस्य और एक साल्वर से पूछताछ में सामने आई है।

साल्वर विकास ने बताया कि उसने शनिवार को विकासनगर और रविवार को इंदिरानगर में अलग-अलग दो लोगों के लिए आसानी से प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) दी, लेकिन वह पकड़ा नहीं गया। रवीश के पकड़े जाने के बाद अब वह बिहार जाने की योजना बना रहा था, लेकिन वह पकड़ लिया गया। फिलहाल एसीपी हजरतगंज विकास जायसवाल की टीम जांच कर रही है।

गौतमपल्ली पुलिस ने सोमवार को साल्वर गिरोह के सरगना मऊ के घोसी स्थित सोनाडीह निवासी डाक्टर अमित गुप्ता, बिहार के शेखपुरा निवासी रवीश कुमार और जमुई स्थित खैरा के निवासी विकास कुमार को गिरफ्तार किया था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, विकास ने पूछताछ में बताया कि उसने दो दिनों में दो लोगों के स्थान पर परीक्षा दी थी। पहली परीक्षा शनिवार को विकासनगर स्थित निजी स्कूल में और दूसरी परीक्षा रविवार को इंदिरानगर स्थित सरकारी स्कूल में थी।

वह हर बार अलग-अलग आधार कार्ड से केंद्र पर एंट्री लेता था और परीक्षा पूरी करने के बाद डाक्टर अमित गुप्ता को फोन कर जानकारी देता था। रवीश भी इसी तरह परीक्षा देने के लिए रविवार को जियामऊ स्थित राजकीय बालिका इंटर कालेज पहुंचा था, लेकिन जांच में वह पकड़ लिया गया।

सूत्रों के अनुसार, रवीश ने शनिवार को भी किसी के स्थान पर परीक्षा दी थी, लेकिन तब वह पकड़ा नहीं गया था। पुलिस ने गिरोह के बारे में जानने के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं।

एक टीम मऊ और दूसरी बलिया भेजी जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि डाक्टर अमित गुप्ता गिरोह का संचालन कैसे करता था। एसीपी का कहना है कि मामले की जांच चल रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर कार्रवाई होगी।

रवीश के चक्कर में सभी पकड़े गए

विकास ने पुलिस से कहा कि वह पकड़ा नहीं जाता। परीक्षा देने के बाद अपनी रकम लेकर वापस बिहार निकल जाता, लेकिन रवीश के चक्कर में पकड़ लिया गया। जबकि पकड़े जाने पर किसी का नाम नहीं लेना था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह के कितने लोग लखनऊ आए थे।

परीक्षा के वक्त अयोध्या घूम रहा था डाक्टर

पुलिस जांच में सामने आया कि सभी को परीक्षा पर भेजने के बाद डाक्टर अमित गुप्ता पत्नी और बच्चों को नई गाड़ी से लेकर अयोध्या पहुंचा था। उसी दौरान उसे रवीश के पकड़े जाने की सूचना मिली तो, सभी नंबर बंद कर दिए थे। उसके मोबाइल को खंगाल कर अन्य लोगों के बारे में पता लगाया जा रहा है।

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