पैरों से चित्रकारी करने वाली शीला शर्मा और साहित्यकार डॉ. जीवन शुक्ल को मिलेगा अवॉर्ड, दिया जाएगा 'निशंक' सम्मान
लखनऊ में पैरों से चित्रकारी करने वाली शीला शर्मा और साहित्यकार डॉ. जीवन शुक्ल को सम्मानित किया जाएगा।

शीला शर्मा और डॉ. जीवन शुक्ल
HighLights
शीला शर्मा को विद्यामिश्र लोक संस्कृति सम्मान मिलेगा।
डॉ. जीवन शुक्ल को 'निशंक' साहित्य सम्मान प्रदान होगा।
पुरस्कार समारोह 21 अक्टूबर को हिंदी संस्थान लखनऊ में।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। पैरों से चित्रकारी करने वाली लखनऊ की शीला शर्मा को विद्यामिश्र लोक संस्कृति सम्मान प्रदान किया जाएगा। उनके साथ कन्नौज के साहित्यकार डॉ. जीवन शुक्ल को डॉ. लक्ष्मीशंकरमिश्र 'निशंक' साहित्य सम्मान प्रदान किया जाएगा।
डॉ. लक्ष्मीशंकरमिश्र 'निशंक' अध्ययन संस्थान ने यह निर्णय लिया है। दोनों को 21 अक्टूबर को हिंदी संस्थान में आयोजित समारोह में वर्ष 2026 का सम्मान दिया जाएगा।
संस्थान के मंत्री मुकुल मिश्र ने बताया कि ये पुरस्कार दिए जाने का निर्णय संस्थान की निर्णायक समिति के डॉ. कमला शंकर त्रिपाठी, प्रो. उषा सिन्हा, योगींद्र द्विवेदी व डॉ. आलोक मिश्र ने लिया है।
कवि उदय प्रताप सिंह व साहित्यकार प्रो. सूर्यप्रसाद दीक्षित की उपस्थिति में 'निशंक' की 108वीं जयंती मनाई जाएगी। इस अवसर पर दोनों साहित्यकारों को 11-11 हजार रुपये, अंगवस्त्र, प्रतीक चिह्न व प्रशस्ति पत्र भेंट किए जाएंगे।
चार वर्ष की उम्र में अपने दोनों हाथ गवां चुकीं शीला शर्मा शी बिल्ड कला प्रशिक्षण केंद्र (उन्नाव) की स्थापना कर दिव्यांगजन व जरूरतमंद बच्चों को चित्रकला व मूर्तिकला का प्रशिक्षण दे रही हैं।
डॉ. जीवन शुक्ल पी.एस.एम. डिग्री कॉलेज कन्नौज में अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष रहे और हिंदी साहित्य के उत्थान में योगदान दिया। उनकी 'वंशी तुम धर दो', 'सिंह द्वार', 'झाऊ की ओट में गुलाब', 'तराशी आत्मा' सहित कई कृतियां प्रकाशित हैं।
