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लखनऊ PGI में 99 करोड़ से बनेगा देश का दूसरा सबसे बड़ा बर्न यूनिट, लखनऊ समेत पूर्वी यूपी के मरीजों को मिलेगा फायदा

Published: Thu, 22 Oct 2026 05:54 AM (IST)

लखनऊ के संजय गांधी पीजीआई में 99 करोड़ रुपये की लागत से 80 बेड का अत्याधुनिक बर्न यूनिट बनेगा, जिसका शिलान्यास दीपावली के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. लखनऊ PGI में 80 बेड का एडवांस बर्न यूनिट।

  2. 99 करोड़ की लागत से बनेगा, सीएम योगी करेंगे शिलान्यास।

  3. प्रदेश का सबसे बड़ा, देश का दूसरा बर्न यूनिट।

विकास मिश्र, लखनऊ। गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को बेहतर और आधुनिक उपचार उपलब्ध कराने के लिए संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआइ) में 80 बेड का एडवांस बर्न यूनिट बनेगा। 99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस छह मंजिला भवन का दीपावली के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिलान्यास करेंगे।

निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यह प्रदेश का सबसे बड़ा और देश का दूसरा सर्वाधिक बेड वाला बर्न यूनिट होगा। मौजूदा समय में दिल्ली एम्स के सफदरजंग अस्पताल में 107 बेड का बर्न यूनिट है।

नए भवन के लिए बजट भी स्वीकृत

संस्थान के निदेशक प्रो. डा. आरके धीमान के अनुसार, हादसों में झुलसने वाले मरीजों को समय पर बेहतर इलाज मुहैया कराने की दिशा में बर्न यूनिट बनाने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 80 बेड के यूनिट का प्रस्ताव शासन भेजा गया था, इसका बजट भी स्वीकृत हो गया है। दीपावली के बाद अत्याधुनिक भवन की नींव पड़ेगी। मुझे भरोसा है कि प्लास्टिक सर्जरी विभाग की निगरानी में यह यूनिट लखनऊ और आसपास ही नहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के मरीजों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नई बर्न यूनिट के शुरू होने से गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को एक ही स्थान पर उच्चस्तरीय उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। आग से झुलसने के गंभीर रोगियों को तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा की जरूरत होती है।

कई बार शरीर का अधिक हिस्सा झुलसने, गहरे घाव होने और संक्रमण का खतरा बढ़ने पर मरीज की स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। ऐसे में संस्थान की आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से लैस बर्न यूनिट मरीजों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। बर्न यूनिट का निर्माण एडवांस पीडियाट्रिक सेंटर के पास किया जाएगा। इसी भवन में 60 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट भी होगा।

एक्सीलेंस सेंटर के रूप में काम करेगा यूनिट

प्रो. धीमान का कहना है कि बर्न यूनिट को एक्सीलेंस सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य केवल मरीजों का उपचार करना ही नहीं, बल्कि बर्न केयर के क्षेत्र में विशेषज्ञता को बढ़ावा देना भी है। इसके तहत डाक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के प्रशिक्षण, इलाज की बेहतर प्रक्रियाओं तथा शोध गतिविधियों को गति मिलेगी। अधिक झुलसने वाले मरीजों में संक्रमण का खतरा ज्यादा होता है।

ऐसे में विशेष एयर हैंडलिंग सिस्टम, स्वच्छ वातावरण और संक्रमण नियंत्रण की सुविधा होगी। क्षतिग्रस्त त्वचा और अंगों को हटाने, घावों की सफाई तथा त्वचा प्रत्यारोपण (स्किन ग्राफ्टिंग) के लिए समर्पित माड्युलर आपरेशन थिएटर होगा। फिजियोथेरेपी, स्प्लिंट, स्किन ग्राफ्टिंग और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी की भी व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि 18 माह में निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है।

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भवन तैयार होने के बाद चिकित्सा उपकरणों की स्थापना, डाक्टरों, पैरामेडिकल व नर्सिंग स्टाफ की तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं के आधार पर यूनिट को संचालित किया जाएगा। बर्न यूनिट में रेडियोलाजी और पैथोलाजी की सभी जांचें भी होंगी।