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लखनऊ में बिना सुरक्षा मानकों के नहीं जगमगाएंगे रामलीला व दुर्गा पूजा पंडाल, 11 नियम हैं अनिवार्य

Published: Mon, 12 Oct 2026 08:07 PM (IST)

लखनऊ में रामलीला और दुर्गा पूजा पंडालों को रोशन करने से पहले 11 विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. पंडालों में 11 विद्युत सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य।

  2. निदेशालय की टीमें 250 पंडालों का निरीक्षण करेंगी।

  3. कटे-पिटे तारों व ओवरलोडिंग पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। राजधानी में रामलीला व दुर्गा पंडालों को रोशन करने से पहले विद्युत सुरक्षा निदेशालय द्वारा जारी 11 मानकों का पालन आयोजकों को करना पड़ेगा। निदेशालय ने राजधानी में चार टीमें बनाई हैं। विद्युत सुरक्षा अधिकारी से लेकर सहायक निदेशक स्तर के अधिकारी पंडालों में निरीक्षण करके मानकों को पूरा करवाने में लगे हैं। 12 अक्टूबर तक 250 दुर्गा व रामलीला से जुड़े पंडालों का निरीक्षण करके स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पालन कराने का दावा निदेशालय ने किया है।

इसके बाद एनओसी जारी की जा रही है। बिजली विभाग भी एसओपी का पालन करने के बाद ही बिजली कनेक्शन दे रहा है। विद्युत सुरक्षा निदेशालय के निदेशक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश भर में गठित निदेशालय की टीमों द्वारा पंडालों में पिछले चार दिनों से अभियान चलाकर मानकों का पालन कराया जा रहा है। अमूमन बड़े पंडाल आयोजकों को इसकी जानकारी है। फिर भी कोई कमी न रहे, इसके लिए टीमों ने रविवार को भी जांच करने का काम किया।

सहायक निदेशक आलोक शुक्ला के मुताबिक पंडालों के आसपास की बिजली लाइनों व ट्रांसफार्मरों की खामियों को भी दूर करने की सलाह बिजली अभियंताओं को दिए गए हैं। अधिकांश स्थानों पर बिजली विभाग की टीमों ने सुधार भी कर लिया है। बिजली विभाग को नौ बिन्दुओं पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

इसकी एसओपी अभियंताओं के जानकारी में है लेकिन इसके बाद भी जहां पंडाल लगे हैं, उनके अंतर्गत आने वाले बिजली उपकेंद्रों के अभियंताओं को एसओपी भेजकर अवगत कराने का काम किया जा रहा है। शुक्ला ने बताया कि 15 अक्टूबर की दोपहर तक निरीक्षण का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।

क्या हैं 11 मानक

  1. पंडालों में लगने वाली झालर आम आदमी की पहुंच से दूर हो। झालरों में कटे-पिटे तारों का उपयोग न किया जाए।
  2. ओवर हेड लाइन के नीचे पंडाल न लगाया जाए।
  3. पंडाल में जो बिजली उपकरण इस्तेमाल हो रहे हैं, वह भारतीय मानक ब्यूरो के निर्धारित मानकों के अनुरूप हो।
  4. पंडालों में बिजली से जुड़ा कार्य लाइसेंस प्राप्त विद्युत ठेकेदार से कराया जाए।
  5. लाइट/फैन के प्रत्येक सर्किट पर 800 वाट व पावर सर्किट में प्रत्येक सर्किट पर 2000 वाट से अधिक लोड न हो। लोड बैलेंसिंग हो।
  6. उचित क्षमता के एमसीबी/आइसोलेटर/मेन स्विच का प्रयोग किया जाए। पंडाल में अधिक लोड है तो सर्किट ब्रेकर हो।
  7. जनरेटर की बाडी तथा न्यूट्रल को दो विभिन्न क्षमता के अर्थिंग से संयोजित किया जाए।
  8. मेला परिसर में बिजली से चलने वाले झूलों को अर्थिंग के जरिए दो अलग-अलग स्थानों पर भू-संयोजित कराना अनिवार्य होगा।
  9. पंडाल में सर्विस केबल उचित क्षमता का हो।
  10. जो बिजली का लोड पंडाल में लिया जाए, फिर उसमें बढ़ोत्तरी न हो। यह वर्जित है।
  11. तारों में खुले जोड़ न छोड़े, जोड़ों को इन्सुलेशन टेप के जरिए सुरक्षित कराया जाए।