लखनऊ के नौ अवैध कॉम्प्लेक्सों पर चलेगा एलडीए का बुलडोजर, आदेश जारी, सुप्रीम कोर्ट में पेश होगी रिपोर्ट
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अलीगंज में आवासीय भूखंडों पर बने नौ अवैध कॉम्प्लेक्सों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है।

HighLights
एलडीए ने अलीगंज के नौ अवैध कॉम्प्लेक्स ध्वस्त करने का आदेश दिया।
ये कॉम्प्लेक्स आवासीय भूखंडों पर बने, सुरक्षा मानकों का उल्लंघन किया।
सुप्रीम कोर्ट में 15 सितंबर को ध्वस्तीकरण रिपोर्ट दाखिल होगी।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। अलीगंज में आवासीय भूखंडों पर बने नौ अवैध कांप्लेक्सों को एलडीए जल्द ही ध्वस्त करेगा। इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है, क्योंकि ये भवन जांच में पूरी तरह से अवैध मिले हैं। इतना ही नहीं अलीगंज में ध्वस्तीकरण के आदेशों की रिपोर्ट 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की जानी, जहां अलीगंज अग्निकांड प्रकरण की सुनवाई होगी।
अलीगंज क्षेत्र में जिन भूखंडों पर कांप्लेक्स बनाए गए हैं, उनका मूल उपयोग आवासीय है। इसके बावजूद बिल्डरों, प्रापर्टी डीलरों और प्रभावशाली लोगों ने यहां बड़े-बड़े कांप्लेक्स खड़े कर दिए।
जांच में मिली गंभीर खामियां
जांच में पाया गया कि अधिकांश भवनों में न तो निर्धारित सेटबैक छोड़ा गया है और न ही पार्किंग की समुचित व्यवस्था है। कई इमारतों में फायर फाइटिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा मानकों का भी गंभीर अभाव मिला है। ऐसे में इन्हें नियमित किए जाने की संभावना नहीं पाई गई।
अलीगंज में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड में 15 बच्चों की दर्दनाक मौत के बाद यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। शीर्ष अदालत ने अवैध निर्माणों की जांच का आदेश दिया था। इसके बाद अलीगंज क्षेत्र में 51 भवनों को चिह्नित किया गया था। इन भवनों की स्थिति और वैधता संबंधी रिपोर्ट पहले ही सुप्रीम कोर्ट को भेजी जा चुकी है।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का आदेश पारित
न्यायालय द्वारा नियुक्त न्याय मित्र ने भी मौके का निरीक्षण कर स्थिति का आकलन किया था। जांच के दौरान कुछ भवन ऐसे पाए गए जो मानकों के अनुरूप सुधार के बाद कंपाउंडिंग की श्रेणी में आ सकते हैं।
वहीं, नौ भवन पूरी तरह अवैध पाए गए, जिन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का आदेश पारित किया गया है। इसके अलावा 51 चिह्नित भवनों में से 17 को सील भी कराया गया है। सीलिंग और ध्वस्तीकरण दोनों की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत की जाएगी।
एलडीए के अधिकारी बोले-
एलडीए अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण आदेश पारित हो चुका है, लेकिन वास्तविक कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके निर्देशों के बाद शुरू की जाएगी। जिन नौ भवनों के खिलाफ ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर गिराया जाएगा।
