लखनऊ शहर में घर बसाने का एक और मौका, एलडीए ने नई आवासीय योजनाओं का बजट किया दोगुना
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने नई आवासीय योजनाओं के लिए भूमि खरीद का बजट 1750 करोड़ से बढ़ाकर 3500 करोड़ रुपये कर दिया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
भूमि खरीद का बजट 1750 से 3500 करोड़ रुपये किया गया।
नैमिष नगर, वरुण विहार जैसी योजनाओं को मिलेगी गति।
शहर में नए आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। शहर की प्रस्तावित नई आवासीय योजनाओं में अब धन बाधा नहीं बनेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भूमि खरीद का बजट दोगुणा कर दिया है। यह रुपये नैमिष नगर, वरुण विहार और वशिष्ठ नगर जैसी नई योजनाओं के लिए भूमि खरीद पर खर्च होगा।
नई आवासीय योजनाओं के लिए भूमि खरीद का बजट 1750 करोड़ से बढ़ाकर 3500 करोड़ रुपये किया गया है, क्योंकि 29 जुलाई तक ही इस मद में 1391.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
नई टाउनशिप और बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं रफ्तार दिलाने के लिए कई प्रस्तावों को एलडीए बोर्ड ने मंजूरी दिया है। वशिष्ठ नगर आवासीय योजना के लिए 416.03 हेक्टेयर भूमि खरीदने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए शासन ने 390 करोड़ रुपये दिए हैं। ऐसे ही एलडीए गोमती नगर विस्तार, विराजखंड, बसंत कुंज व ऐशबाग योजना में बहुमंजिला आवासीय भवनों का निर्माण कराएगा।
सीतापुर रोड पर विकसित की जा रही नैमिष नगर योजना, आगरा एक्सप्रेसवे के निकट वरुण विहार आवासीय योजना, सुलतानपुर रोड पर आइटी सिटी आवासीय योजना में तेजी से भूमि खरीदी जा रही है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत इन परियोजनाओं को वित्तीय सहायता मिली है।
एलडीए के अनुसार गोमती नगर विस्तार फेज-वन के विकास का बजट पांच करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया है। जानकीपुरम योजना के विद्युतीकरण और विस्तार कार्यों के लिए भी अतिरिक्त बजट स्वीकृत किया गया है।
एलडीए ने राजधानी के प्रमुख पार्कों के विकास और रखरखाव पर खर्च बढ़ाया है। जनेश्वर मिश्र पार्क के अनुरक्षण व प्रबंधन के लिए अतिरिक्त पांच करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
वहीं, कानपुर रोड योजना के पार्कों के विकास का बजट नौ से बढ़ाकर 11 करोड़ रुपये किया गया है। भूमि अधिग्रहण से जुड़े मुआवजे का बजट 200 से बढ़ाकर 250 करोड़ रुपये किया गया है।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार का दावा है कि इन परियोजनाओं से आने वाले वर्षों में शहर का स्वरूप बदल जाएगा और लोगों को नए आवास उपलब्ध होंगे।
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