लखनऊ में दरोगा की नेम प्लेट और फर्जी ऑफर लेटर दिखाकर 22.45 लाख का लगाया चूना, ऐसे बिछाया जाल
लखनऊ में जालसाजों ने एक महिला को उसके बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 22.45 लाख रुपये ठग ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
लखनऊ में महिला से सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी।
जालसाजों ने फर्जी दस्तावेज दिखाकर 22.45 लाख रुपये ऐंठे।
होमगार्ड विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर फंसाया।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर जालसाजों ने पीजीआइ क्षेत्र की महिला से 22.45 लाख रुपये ठग लिए। आरोपितों ने खुद को होमगार्ड विभाग से जुड़ा बताया और महिला के दोनों बच्चों को नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
विश्वास दिलाने के लिए दारोगा की नेम प्लेट व आइडी कार्ड, फर्जी रिजल्ट सूची और आफर लेटर दिखाए। इसके बाद मेडिकल और भर्ती प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रुपये लिए। नौकरी न लगने पर महिला ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत की, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज हुआ।
वृंदावन योजना निवासी शशिबाला के मोबाइल पर जून में जितेंद्र गौतम ने फोन किया था। उसने खुद को गोरखपुर में होमगार्ड विभाग में कमांडेंट का स्टेनो बताया। उसने कहा कि महिला के दोनों बच्चों को होमगार्ड विभाग में बाबू के पद पर लगवा देगा। इसके बाद महिला की बातचीत सूरज रजक से कराई गई।
भर्ती प्रक्रिया के नाम पर महिला से मांगे पैसे
जालसाजों ने महिला का भरोसा जीतने के लिए एसआइ सौरभ सिंह की नेम प्लेट और आइडी कार्ड भेजा। फर्जी रिजल्ट सूची और नौकरी से संबंधित दस्तावेज भी दिखाए। कुसुम नाम की महिला ने खुद को डीजीपी कार्यालय में स्टेनो बताया और मेडिकल के बाद भर्ती कराने का दावा किया। इसके बाद मेडिकल और भर्ती प्रक्रिया के नाम पर महिला से रुपये मांगे जाने लगे।
महिला ने 10 जून से दो सितंबर के बीच अलग-अलग खातों में कुल 22.45 लाख रुपये भेज दिए। इसमें भतीजे के खाते से 2.10 लाख और भतीजी के खाते से 1.50 लाख रुपये भी भेजे गए। रकम लेने के बाद आरोपित लगातार नौकरी लगने का भरोसा देते रहे। बाद में महिला ने रुपये वापस मांगे तो उसे रकम सरकारी खाते में जमा होने की बात कहकर डराया गया।
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महिला ने 12 सितंबर को साइबर सेल लालबाग में शिकायत की थी। जांच के दौरान सूरज रजक का खाता फ्रीज किया गया। इसके बाद भी आरोपित अलग-अलग नंबरों से फोन करते रहे। महिला ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
