टेंपो ड्राइवर से शंख एयरलाइंस के मालिक बने श्रवण कुमार पर आयकर विभाग का शिकंजा, लखनऊ में कई ठिकानों पर सर्वे
आयकर विभाग ने लखनऊ में प्रस्तावित शंख एयरलाइंस के चेयरमैन श्रवण कुमार विश्वकर्मा के ठिकानों पर सर्वे किया।

श्रवण कुमार विश्वकर्मा
HighLights
लखनऊ में शंख एयरलाइंस के ठिकानों पर आयकर विभाग का सर्वे।
चेयरमैन श्रवण कुमार विश्वकर्मा के आवास और कार्यालय में छानबीन हुई।
आयकर टीम ने वित्तीय अभिलेखों और निवेश की जानकारी जुटाई।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। लखनऊ में प्रस्तावित शंख एयरलाइंस से जुड़े ठिकानों पर शुक्रवार को आयकर विभाग की टीम ने सर्वे की कार्रवाई की। गोमतीनगर विस्तार स्थित कंपनी के चेयरमैन एवं संस्थापक श्रवण कुमार विश्वकर्मा के आवास के साथ वरदान खंड स्थित शंख टावर में कंपनी के कार्यालय में भी छानबीन की गई। सुरक्षा के मद्देनजर कार्यालय के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। बताया गया है एयरलाइंस के मालिक शुरूआती दिनों में टेंपो चलाते थे।
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग के कई अधिकारी एक साथ शंख टावर स्थित कंपनी के तीन मंजिला कार्यालय पहुंचे। टीम ने कंपनी से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय अभिलेख और बैंक खातों से संबंधित जानकारी खंगाली। कर्मचारियों से पूछताछ की गई। कुछ कर्मचारियों के मोबाइल फोन लेकर उनकी जांच की गई। कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी पड़ताल हुई।
आयकर विभाग की टीम कंपनी के कारोबारी लेनदेन, आय के स्रोत और विभिन्न स्थानों पर किए गए निवेश से संबंधित जानकारी जुटा रही है। सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कारोबार में इस्तेमाल धनराशि का स्रोत क्या है और अलग-अलग स्थानों पर कितना निवेश किया गया है।
कर्मचारियों के दर्ज किए गए बयान
कार्रवाई के दौरान कंपनी के संस्थापक एवं चेयरमैन श्रवण कुमार विश्वकर्मा को बुलाकर उनसे भी पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है। टीम ने कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों और कारोबारी गतिविधियों से संबंधित जानकारी जुटाई। कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए।
आयकर विभाग ने अभी तक कार्रवाई के कारण और जांच में सामने आए तथ्यों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। विभाग ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि कार्रवाई किस धार के तहत हुई है। जांच के दौरान कार्यालय परिसर में आवाजाही पर निगरानी रखी गई। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही जांच के निष्कर्ष सामने आने की उम्मीद है।
