सेंट्रल बार चुनाव पर हाई कोर्ट का रुख, कोर्ट तय करेगा कौन सी एल्डर्स कमेटी कराएगी मतदान
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ सेंट्रल बार एसोसिएशन के चुनाव कराने वाली एल्डर्स कमेटी पर फैसला करेगी। दो अलग-अलग ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
हाई कोर्ट तय करेगा चुनाव कराने वाली एल्डर्स कमेटी।
दो अलग-अलग कमेटियां चुनाव कराने का दावा कर रही हैं।
सेंट्रल बार एसोसिएशन के बायलाज भी कोर्ट में पेश होंगे।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। सेंट्रल बार एसोसिएशन की कार्यकारिणी के चुनाव को लेकर चल रहे विवाद में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ अब तय करेगी कि चुनाव कौन सी एल्डर्स कमेटी कराएगी। दो अलग-अलग एल्डर्स कमेटियां चुनाव कराने और बार के संचालन का अधिकार होने का दावा कर रही हैं। कोर्ट ने इस विवादित पहलू पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
साथ ही सेंट्रल बार एसोसिएशन के बायलाज और बार कौंसिल आफ यूपी के माडल बायलाज भी पेश करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई आठ अक्टूबर को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने राकेश कुमार सिंह की जनहित याचिका पर दिया।
कोर्ट को बताया गया कि सेंट्रल बार एसोसिएशन की गवर्निंग बाडी के पदाधिकारियों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, लेकिन उन्होंने अभी तक एल्डर्स कमेटी को कार्यभार नहीं सौंपा है। गवर्निंग बाडी का कार्यकाल चार मई को ही समाप्त हो गया था, इसके बावजूद चुनाव नहीं कराए जा सके हैं।
कोर्ट को यह भी बताया गया कि हाई कोर्ट के 24 मार्च 2025 के आदेश के तहत चुनाव कराने के लिए एक एल्डर्स कमेटी गठित की गई थी, लेकिन वह 2025 के बाद प्रभावी रूप से काम नहीं कर सकी।
इसके अलावा एक अन्य एल्डर्स कमेटी भी चुनाव कराने का दावा कर रही है। अध्यक्ष और सचिव द्वारा कार्यभार न सौंपे जाने पर बार कौंसिल ने उनका पंजीकरण निलंबित किया था। हालांकि बार कौंसिल आफ इंडिया ने इस निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट अब दोनों कमेटियों के दावे और संबंधित बायलाज के आधार पर आगे निर्णय करेगा।
