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अब राह चलते ही पता चल जाएगा कितना है तापमान, लखनऊ के चौराहों पर लगेंगे मौसम बताने वाले डिजिटल बोर्ड

Published: Wed, 25 Mar 2026 09:36 PM (IST)

लखनऊ में बढ़ते तापमान और हीट स्ट्रोक के खतरे को देखते हुए, व्यस्त चौराहों पर मौसम पूर्वानुमान और तापमान दर्शाने वाले डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे।

(Photo Source - AI Generated)

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HighLights

  1. व्यस्त चौराहों पर लगेंगे मौसम पूर्वानुमान डिस्प्ले बोर्ड।

  2. अप्रैल में संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान चलेगा।

  3. हीटवेव से बचाव हेतु शेल्टर व जागरूकता कार्यक्रम।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मार्च के अंतिम चरण में धूप चुभने लगी है। अप्रैल केे पहले सप्ताह से सूरज के तेवर और चढ़ेंगे। गर्म हवाएं और कड़ी धूप कब हीट स्ट्रोक का खतरा बना दे, कहा नहीं जा सकता। ऐसे में शासन ने शहर के व्यस्त चौराहों पर मौसम के पूर्वानुमान एवं तापमान का डिस्प्ले बोर्ड लगाने का प्लान बनाया है, जिससे राह चलते आपकी नजर बोर्ड पर पड़े और जान लें कि धूप कितनी तेज है और बचाव कैसे करना है।

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष नेे बताया कि एक से 30 अप्रैल तक संचारी रोग नियंत्रण और दस से 30 अप्रैल दस्तक अभियान संचालित होगा। गर्मी से बचाने के लिए शेल्टर की व्यवस्था होगी। हीट वेव से बचाने के लिए विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार माइक्रो प्लान तैयार

अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बुधवार को शास्त्री भवन स्थित सभागार में संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार माइक्रो प्लान तैयार किया गया है। मच्छरों के ज्यादा घनत्व वाले क्षेत्रों पर विशेष सर्विलांस चलेगा।

रोगी वाहन सेवा की व्यवस्था दुरुस्त रखने, उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कृत करने एवं विद्यालयों में पोस्टर प्रतियोगिताओं और रैलियों का आयोजन करने का निर्देश दिया।

उन्होंने भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर शीतल एवं स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करने, दस्तक अभियान के दौरान चिन्हित किए लक्षण युक्त व्यक्तियों की जांच की स्थिति यूनिफाइड डिजीज सर्विलेंस पोर्टल पर उपलब्ध कराने एवं आशा कार्यकर्ताओं को प्रत्येक परिवार के समस्त सदस्यों तक आभा आईकार्ड पहुंचाने के लिए कहा।

उपलब्ध कराने के लिए कहा। नालियों की सफाई, जलभराव का श्रमदान द्वारा निस्तारण, झाड़ियों की कटाई एवं आबादी के मध्य वाले तालाबों को अपशिष्ट एवं प्रदूषण मुक्त रखने के भी निर्देश दिए।

कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में वेक्टर जनित रोगों, जल जनित रोगों तथा उष्ण मौसम से संबंधित रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए। उन्होंने अभियान की सफलता के लिए सतत एवं प्रभावी मानीटरिंग पर विशेष जोर दिया।