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लखनऊ के अवैध गुरुकुल में छात्र की हत्या से पहले 24 घंटे बांधकर की गई थी मारपीट, कई दिनों तक रखा था भूखा-प्यासा

Published: Sun, 26 Apr 2026 05:00 AM (IST)

लखनऊ के पारा स्थित एक अवैध गुरुकुल में छात्र की हत्या से पहले उसे सिगरेट से जलाया गया, नंगा बांधकर 24 घंटे पीटा गया और भूखा-प्यासा रखा गया।

शनिवार को भी बंद पड़ा गुरुकुल

शनिवार को भी बंद पड़ा गुरुकुल

HighLights

  1. छात्र को सिगरेट से जलाया, नंगा बांधकर 24 घंटे पीटा गया।

  2. अवैध गुरुकुल संचालक ने छात्र को कई दिन भूखा-प्यासा रखा।

  3. पुलिस संचालक की क्रूरता की जांच कर रही, अन्य छात्रों के बयान दर्ज होंगे।

आयुष्मान पांडेय, लखनऊ। पारा के पूर्वीदीन खेड़ा स्थित रामनगर कॉलोनी में अवैध गुरुकुल में छात्र की हत्या से पहले उसके साथ हैवानियत बरती गई। शरीर पर जगह-जगह सिगरेट से जलाने के साथ ही उसके सभी कपड़े उतारकर चौबीस घंटे बांधकर पीटा गया।

संचालक ने कई दिनों तक उसे भूखा प्यास रखकर प्रताड़ित किया। जागरण को पुलिस इस केस से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस गुरुकुल से जुड़े दूसरे छात्राें के बयान भी दर्ज करने की तैयारी कर रही है ताकि संचालक की दरिंदगी और इस घटना से जड़ी सभी कड़ियां सामने आ सकें।

पारा पुलिस के सूत्रों का कहना है कि संचालक की पिटाई से छात्र बेसुध हो गया था लेकिन इसके बाद भी मारता रहा। बच्चों को ‘अनुशासन’ के नाम पर इसी तरह प्रताडि़त करता था। हालांकि पुलिस के पास अभी इस बात का जवाब नहीं है कि केवल अनुशासन के नाम पर क्या संचालक ने छात्र को अमानवीय तरह से पीटा या कोई अन्य बात रही होगी।

यह भी सामने आया है कि मृतक छात्र आरोपित संचालक का रिश्ते में भांजा लगता था। जांच में यह भी सामने आया कि गुरुकुल में बच्चों से एक फार्म भरवाया जाता था, लेकिन उनकी पहचान छिपाने के लिए पूरी जानकारी नहीं भरी जाती थी। पूर्वीदीनखेड़ा की राजनगर कॉलोनी में पांच महीने से गुरुकुल चल रहा था, लेकिन न कोई बोर्ड लगा था और न ही प्रशासन को इसकी भनक लगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि दरवाजा हमेशा बंद रहता था और बच्चों पर कड़ी निगरानी रखी जाती थी। वे बाहर निकलते भी थे तो किसी से बात नहीं कर सकते थे। सुबह-शाम मंत्रोच्चार की आवाजें जरूर आती थीं, लेकिन अंदर चल रही क्रूरता से सभी अनजान थे।

पुलिस ने मकान मालिक संजीव गुप्ता को तलब करने के लिए संपर्क किया लेकिन घटना के बाद से वह भी अंडरग्राउंड है। पारा इंस्पेक्टर सुरेश सिंह का कहना है कि गुरुकुल में कुल नौ छात्र पढ़ते थे, जिसमें चार गोंडा के, चार हरदोई के भिल्लावां और मृतक कानपुर के महाराजपुर का रहने वाला था।

जांच के लिए दो टीम बनाई गईं हैं। एक टीम गोंडा और दूसरी हरदोई भेजी जाएगी ताकि अन्य छात्रों के बयान दर्ज किए जा सकें। संचालक मूल रूप से मध्यप्रदेश के छत्तरपुर स्थित खार खंडेला के बिजातन गांव का रहने वाला है।

वहां की पुलिस से संपर्क कर आपराधिक इतिहास पता लगाया जा रहा है। संचालक के पिता अयोध्या में करते हैं और वह भी पूजा पाठ करते हैं। पुलिस उनके बारे में भी जानकारी कर रही है। इंस्पेक्टर का कहना है कि कानपुर के महाराजपुर थाने से मुकदमा स्थानांतरित हो जाएगा।

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