लखनऊ गुरुकुल कांड: आठ में से एक बच्चे के घर पहुंची पारा पुलिस, नहीं दर्ज हो सके बयान
लखनऊ के पारा स्थित अवैध रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल में छात्र की हत्या के मामले में पुलिस जांच कर ...और पढ़ें
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लखनऊ गुरुकुल कांड: आठ में से एक बच्चे के घर पहुंची पारा पुलिस। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

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जागरण संवाददाता, लखनऊ। पारा के पूर्वीदीन खेड़ा स्थित रामनगर कालोनी में अवैध रूप से संचालित रामानुज भागवत वेद विद्यापीठ गुरुकुल में छात्र की हत्या के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है।
गुरुकुल में पढ़ने वाले अन्य आठ बच्चों में से एक बच्चे के घर पारा पुलिस पहुंची थी, लेकिन घर पर न मिलने के कारण बयान नहीं दर्ज हो सके हैं। मां-बाप ने कहा कि वह रिश्तेदार के घर गया। साथ में आकर बात करवा देंगे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के लिए दो टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें कानपुर, गोंडा और हरदोई भेजा जाएगा। गुरुकुल में कुल नौ बच्चे रह रहे थे, जिनमें चार गोंडा, तीन हरदोई, एक कानपुर के भिल्लावां और मृतक छात्र कानपुर के महाराजपुर का निवासी था।
पुलिस का मानना है कि बच्चों के बयान से संचालक की भूमिका की कई परतें खुलेंगी। साथ ही, अयोध्या में रह रहे संचालक के पिता के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। इसी क्रम में पारा पुलिस को एक बच्चे का पता मिल गया था, उससे बात करने के लिए टीम कानपुर के भिल्लावां भेजी गई थी।
वह बच्चा वहां नहीं मिला, उसके मां-बाप से बात की गई। उन्होंने कहा कि बच्चे को साथ में लेकर आएंगे और बयान दर्ज करवा देंगे। उधर, अन्य बच्चों के पते पर भी टीम को भेजा जाएगा।
वहीं, पारा पुलिस अब भी जांच ट्रांसफर होने का इंतजार कर रही है। बताया गया कि यह मामला कानपुर के महाराजपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां शव मिलने पर पहला मुकदमा दर्ज हुआ था।
पारा इंस्पेक्टर सुरेश सिंह के अनुसार, महाराजपुर पुलिस से संपर्क किया गया है और जांच ट्रांसफर करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जांच आते ही घटनास्थल का रीक्रिएशन कर सभी बिंदुओं पर तेजी से कार्रवाई की जाएगी।
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यह था मामला
पारा स्थित इस अवैध गुरुकुल में संचालक कन्हैयालाल मिश्रा पर आरोप है कि उसने एक छात्र की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। आरोप यह भी है कि बच्चे को कई दिनों तक भूखा-प्यासा रखा गया, सिगरेट से जलाया गया और 24 घंटे बांधकर पीटा गया। बेहोश होने के बाद भी पिटाई जारी रही।
बाद में शव को कानपुर के महाराजपुर स्थित उसके घर के पास फेंक दिया गया था। घटना के बाद कानपुर पुलिस ने संचालक और उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अन्य बच्चों के बयान दर्ज नहीं किए गए थे।
