लखनऊ में बिना बुकिंग गैस डिलीवरी का आया मैसेज, हंगामे के बाद एजेंसी ने दिया सिलेंडर
लखनऊ में देवानंद को बिना बुकिंग के गैस सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज मिला, जबकि उन्हें सिलेंडर नहीं मिला था। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, लखनऊ। सेवई निवासी पीड़ित देवानंद को बिना गैस बुक किए ही सिलेंडर डिलीवर होने का मैसेज मिलने पर शनिवार को भारत गैस एजेंसी पर हंगामे की स्थिति बन गई। पीड़ित देवानंद शनिवार सुबह उतरेटिया स्थित भारत गैस के डिलीवरी प्वाइंट पहुंचे और अपनी गैस कैंसिल होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पिता खुशी राम के नाम से गैस कनेक्शन है।
जनवरी में गैस बुक कर उन्होंने सिलेंडर प्राप्त कर लिया था। इसके बाद फरवरी में कोई बुकिंग नहीं कराई, लेकिन 17 फरवरी को मोबाइल पर मैसेज आ गया कि गैस सिलेंडर डिलीवर हो चुका है। देवानंद का कहना है कि इस बीच गैस खत्म होने पर मजबूरी में उन्हें ब्लैक में सिलेंडर लेना पड़ा।
कर्मियों ने सिलेंडर देने से किया मना
शनिवार सुबह जब वह उतरेटिया स्थित डिलीवरी प्वाइंट पहुंचे तो कर्मियों ने सिलेंडर देने से मना कर दिया और कहा कि सिस्टम में पहले ही डिलीवरी दिख रही है। इसके बाद वह तेलीबाग स्थित शहीद विवेक भारत गैस एजेंसी पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई।
मैनेजर से काफी बहस और हंगामे के बाद एजेंसी कर्मियों ने उन्हें सिलेंडर उपलब्ध कराया। पीड़ित का आरोप है कि बिना बुकिंग के डिलीवरी दिखाकर सिलेंडर किसी अन्य सुनील नाम के व्यक्ति को दे दिया गया। पीड़ित का कहना है इसी तरह एजेंसी संचालक लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहे हैं और लोग गैस के लिए परेशान रहते हैं पड़ताल करनी चाहिए।
गैस सिलेंडर के लिए लंबी कतारें, मौके पर ही किया गया केवाईसी
उतरेटिया और वृंदावन डिलीवरी प्वाइंट क्षेत्र में शनिवार को रसोई गैस सिलेंडर लेने के लिए लोगों की लंबी कतारें लग गईं। सुबह से ही उपभोक्ता गैस डिलीवरी एरिया के बाहर लाइन में खड़े नजर आए। हालात ऐसे रहे कि कुछ बच्चों ने स्कूल से छुट्टी ले ली तो कई लोग दफ्तर का काम छोड़कर सिलेंडर लेने पहुंच गए। लोगों का कहना था कि पहले सिलेंडर मिल जाए, बाकी काम बाद में भी हो जाएंगे।
केवाईसी न होने पर कई लोगों ने मौके पर ही एजेंसी के कर्मचारियों द्वारा जल्दबाजी में प्रक्रिया पूरी कराई। कुछ उपभोक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि बुकिंग कराने के बाद जब वे सिलेंडर लेने पहुंचे तो पता चला कि उनका सिलेंडर पहले ही किसी और को दे दिया गया। वहीं कई लोगों ने जरूरत से ज्यादा सिलेंडर घर में होने के बावजूद नया सिलेंडर लेने की कोशिश की, जिससे कतारें और लंबी दिखी।
