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Lucknow: बांसमंडी में भीषण आग, गाड़ियों के टैंक फटने से ताबड़तोड़ धमाके; छह गोदाम, दो गैराज और एक झोपड़ी जली

दमकल कर्मियों ने आठ गाड़ियों की मदद से दो घंटे में आग पर काबू पा लिया। सुरक्षा के दृष्टिगत दमकल दो गाड़ियां और एक टीम अस्पताल के बाहर भी लगा दी गई थीं। हालांकि दमकल कर्मियों और पुलिस की सक्रियता के कारण समय रहते आग पर काबू पा लिया गया।

By Shivam YadavEdited By: Shivam YadavPublished: Wed, 29 Mar 2023 12:31 AM (IST)Updated: Wed, 29 Mar 2023 12:31 AM (IST)
पुराने एसएसपी ऑफिस के पास स्थित बांसमंडी में मंगलवार रात भीषण आग लग गई।

लखनऊ, जागरण संवाददाता: पुराने एसएसपी ऑफिस के पास स्थित बांसमंडी में मंगलवार रात भीषण आग लग गई। आग की चपेट में आने से कबाड़, गत्ते के छह गोदाम, दो गैराज और एक झोपड़ी जल गई। गैराज में खड़ी करीब आधा दर्जन गाड़ियों के टैंक फटने से ताबड़तोड़ धमाके हुए, जिससे आस पड़ोस और सड़क के दूसरी ओर स्थित केके हॉस्पिटल में अफरा-तफरी मच गई। 

दमकल कर्मियों ने आठ गाड़ियों की मदद से दो घंटे में आग पर काबू पा लिया। सुरक्षा के दृष्टिगत दमकल दो गाड़ियां और एक टीम अस्पताल के बाहर भी लगा दी गई थीं। हालांकि, दमकल कर्मियों और पुलिस की सक्रियता के कारण समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। कोई हताहत नहीं हुआ न ही अस्पताल में भर्ती मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत हुई।

बासमंडी में करीब आठ बजे रात राजू की झोपड़ी के पास एकाएक धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। यह देख लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। पहले बाल्टियों से पानी फेंककर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। लपटें बढ़ी तो झोपड़ी और बाबा का रद्दी का गोदाम, कासिम का कबाड़ और नौशाद के बास की दुकान, फहीम के कार गैराज, मुन्ना की गैराज, अरमान, इरशाद, कासिम के गत्ते के गोदाम तक पहुंच गई। कुछ ही देर में आग और विकराल हो उठी। 

गैराज के पास खड़ी इरशाद की बाइक का टैंक फटने से तेज धमाका हुआ। इसके बाद गैराज में खड़ी तीन से चार कार समेत आधा दर्जन गाड़ियों के टैंक फटने से ताबड़तोड़ धमाके शुरू हुए। पेट्रोल फैलने से आग बेकाबू हो गई। लोग घरों से निकलकर बाहर सड़क पर आ गए। दमकल को सूचना दी। 

चौक हजरतगंज और इंदिरानगर फायर स्टेशन से करीब छह गाड़ियां बुलाई गईंं। डीसीपी पश्चिम राहुल राज, इंस्पेक्टर वजीरगंज मनोज मिश्रा समेत कई थानों का पुलिस बल पहुंचे। पुलिस और दमकल कर्मियों ने फायर फाइटिंग शुरू कर दी। 

उधर, सड़क के दूसरी ओर स्थित केके हास्पिटल में भी अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदार बाहर आ गए। डीसीपी ने अस्पताल के बाहर सुरक्षा के दृष्टिगत दो दमकल की गाड़ियां खड़ी करा दी और पुलिस बल लगा दिया। लोगों को समझाया कि किसी भी प्रकार से पैनिक न हों। 

दमकल कर्मियों ने करीब दो घंटे की मदद से आग पर काबू पा लिया। आग की चपेट में आने से झोपड़ी, गोदाम में रखा सारा सामान जल गया। वहीं, गैराज में खड़ी गाड़ियां भी जल गईं। डीसीपी ने बताया कि आग के कारणों की पुष्टि नहीं हो सकी है। आग के कारणों की जांच की जा रही है। कोई हताहत नहीं हुआ है।

पुलिस और दमकल कर्मियों की तत्परता से बचा प्रिंटिंग प्रेस और तीन दुकानें

फहीम के गैराज के ठीक पीछे मुजीब का प्रिंटिंग प्रेस है। जहां किताबों और पंफलेट की छपाई होती है। वही मुख्य मार्ग पर ग्लास और कप की तीन बड़ी दुकानें हैं। दमकल और पुलिस कर्मियों की सक्रियता से तीनों दुकानें और प्रिंटिंग प्रेस बच गया। यहां इंक और केमिकल से भरे पीपे रखे थे। आग अगर प्रिंटिंग प्रेस तक पहुंचती तो आस पड़ोस के कई और मकान भी चपेट में आ जाते।


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