उत्तर प्रदेश में बिना लाइसेंस कुत्ता पालना पड़ा महंगा, 20 हजार रुपये जुर्माना देने के बाद छोड़ा लैब्राडोर
लखनऊ नगर निगम बिना लाइसेंस कुत्ते पालने वालों पर सख्त कार्रवाई कर रहा है। हाल ही में चेकिंग के दौरान ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
लखनऊ में बिना लाइसेंस कुत्ते पालने पर नगर निगम की कार्रवाई।
चार व्यक्तियों पर 20 हजार रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया।
लाइसेंस के लिए रेबीज टीकाकरण प्रमाण पत्र और शपथ पत्र आवश्यक।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। कुत्ता पालने का शौक तो लोग रखते हैं लेकिन नगर निगम से उसका लाइसेंस नहीं बनवाते हैं। नगर निगम के मुताबिक दस हजार पालतू कुत्ते पंजीकृत या अपंजीकृत हैं, लेकिन अभी तक 34 सौ ने ही लाइसेंस बनवाया है।
इस कारण सुबह के समय जब लोग कुत्ते को टहलाने निकलते हैं तो नगर निगम लाइसेंस मांग रहा है और लाइसेंस न होने पर जुर्माना वसूला जा रहा है। बुधवार को नगर निगम की टीम ने इंदिरानगर के विभिन्न क्षेत्रों, विकास नगर, शक्ति नगर के आस-पास में पालतू कुत्तों के लाइसेंस की चेकिंग की।
अभियान में प्रवर्तन दल, डाग कैचिंग स्क्वाड भी था। पशु कल्याण एवं चिकित्साधिकारी डा. अभिनव वर्मा ने बताया कि बिना लाइसेंस के कुत्ता पाले चार व्यक्तियों की पहचान की गई और उनका लाइसेंस बनाने के साथ ही 20 हजार का जुर्माना लगाया गया। चार लाइसेंस बनाने पर चार हजार की राशि जमा कराई गई। एक लैब्राडोर को जब्त किया गया जिसको बाद में जुर्माना देने के बाद छोड़ा गया।
लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया
कुत्ते का लाइसेंस केवल रेबीज टीकाकरण प्रमाण पत्र और पालतू पशु अनुज्ञप्ति, नियंत्रण तथा विनियमन उपविधि 2025 के पालन संबंधी शपथ पत्र के आधार पर जारी किया जाता है। लाइसेंस आनलाइन नगर निगम की वेबसाइट lmc.up.nic.in पर बनाया जा सकता है या पशु कल्याण अधिकारी कार्यालय, लालबाग में भी आवेदन किया जा सकता है।
