लखनऊ, जागरण संवाददाता। शहरी क्षेत्र के विकास का जिम्मा संभाल रहे लखनऊ विकास प्राधिकरण का दायरा अब जिले के सभी ग्रामीण इलाकों के साथ बाराबंकी के तीन ब्लाकों और एक नगर पालिका क्षेत्र तक होगा। इसके अलावा अब लविप्रा की योजनाओं में एकमुश्त भुगतान करने वालों को पहले से अधिक लाभ मिलेगा। उनकी छूट को अब चार स्लैब में बनाया गया है। वहीं सुलतानपुर रोड पर लविप्रा दो नई टाउनशिप लेकर आएगा। मंगलवार को लविप्रा की बोर्ड बैठक में कई प्रस्तावों पर मुहर लग गई। लविप्रा क्षेत्र के विस्तार सहित कई प्रस्तावों केा अब शासन को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।

307 से बढ़कर हो जाएंगे 1094 राजस्‍व गांव

लखनऊ विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में पहले 307 राजस्व गांव आते थे। अब लखनऊ के सरोजनीनगर, काकोरी, मलिहाबाद, बख्शी का तालाब, गोसाईंगंज , मोहनलालगंज विकास खंड के अलावा लखनऊ में यूपी सीडा व लीडा के साथ बाराबंकी के निंदुरा, देवा, बंकी विकास खंड के सभी क्षेत्रों के साथ बाराबंकी की नवाबगंज नगर पालिका परिषद के क्षेत्र भी लखनऊ विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में शामिल हो जाएंगे।

इस विस्तार के बाद 1094 राजस्व गांव लविप्रा में शाम‍िल होंगे। लविप्रा का वर्तमान 1050 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्रफल बढ़कर 2984 वर्ग किलोमीटर का हो जाएगा। लविप्रा तीसरी बार अपना विस्तार करने जा रहा है। इससे पहले सन 1999 में पहली बार और 2014 में दूसरी बार लविप्रा का विस्तार हुआ था।

मोहान रोड पर एजूकेशन सिटी

लखनऊ विकास प्राधिकरण केंद्र सरकार की एजूकेशन सिटी के प्रोजेक्ट में शामिल होगा। मोहान रोड पर ओमैक्स से वापस ली गई अपनी करीब 600 एकड़ भूमि के एक बड़े हिस्से में वह एजूकेशन सिटी विकसित करेगा। यहां सभी तरह के तकनीकी इंस्टीट्यूट, मेडिकल व हायर एजूकेशन के संस्थान एक ही जगह पर खोले जाएंगे। केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट पर लगभग 800 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

नामातंरण शुल्क घटा

प्रदेश सरकार ने स्टांप डयूटी के अनुसार लगने वाली नामांतरण शुल्क में बदलाव कर लोगों को बड़ी राहत दी है। लविप्रा शासन के इस आदेश को अब लागू करेगा। अब पांच लाख तक की स्टांप डयूटी पर नामांतरण शुल्क एक हजार रुपये, पांच से 10 लाख रुपये पर दो हजार, 10 से 15 लाख रुपये पर तीन हजार, 15 से 50 लाख रुपये पर पांच हजार और 50 लाख से अधिक की स्टांप ड्यूटी पर 10 हजार रुपये नामांतरण शुल्क लगेगा। पहले स्टांप ड्यूटी का एक प्रतिशत नामांतरण शुल्क लिया जाता था।

किस्तों पर जमा करने पर घटी ब्याज दर

लविप्रा ने किस्तों पर अपना आवास लेने वालों को भी राहत दी है। अब लविप्रा से अपना घर खरीदते समय स्ववित्त पोषित योजना के तहत 15 प्रतिशत की ब्याज दर को घटाकर 12 प्रतिशत लिया जाएगा। चक्रवृद्धि ब्याज की दर तीन प्रतिशत की जगह दो प्रतिशत होगी।

इनकी किस्त पर भी घटेगा ब्याज

संपत्ति                       ब्याज पहले    अब (प्रतिशत )

ईडब्ल्यूएस                    9                 7

एलआइजी                  10                  8

एचआइजी/एमआइजी   11                  9

कामर्शियल                 13                11

एकमुश्त जमा करने पर अब चार विकल्प

लविप्रा की संपत्ति एकमुश्त भुगतान करने पर अब तक एक ही स्लैब था। संपत्ति के पंजीयन के समय आवंटी को उसकी लागत का 10 प्रतिशत जमा करना होता था, शेष 90 प्रतिशत का भुगतान 60 दिनों के भीतर जमा करने पर पांच प्रतिशत की छूट लविप्रा देता था। अब नए स्लैब इस तरह होंगे।

इतने दिनों में शेष 90 प्रतिशत जमा करने पर - छूट

  • 90 दिनों में -तीन प्रतिशत
  • 75 दिनों में -चार प्रतिशत
  • 60 दिनों में -पांच प्रतिशत
  • 45 दिनों में -छह प्रतिशत

Edited By: Anurag Gupta

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