अंशू दीक्षित, लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (लविप्रा) की शहर में कोई कालोनी नहीं है। अब लविप्रा अफसरों-कर्मियों के लिए हनुमान सेतु पर काॅलोनी बनाने जा रहा है। अफसर से लेकर चपरासी को नौकरी के दौरान रहने की सुविधा मिलेगी। छोटे-मोटे शुभ कार्य भी यहां कर्मचारी व अधिकारी कर सकेंगे। इसके लिए कमेटी हाल भी बनेगा। शासन ने हनुमान सेतु पर लविप्रा द्वारा खाली कराई नजूल की करीब 34 हजार वर्ग फिट जमीन पर ग्रुप हाउसिंग की स्वीकृति दे दी है। यहां बनने वाले अपार्टमेंट में वन बीएचके से लेकर फाइव बीएचके के फ्लैट होंगे। लविप्रा ने इसकी तैयारी तेज कर दी है।

नजूल अधिकारी आनंद कुमार सिंह ने हनुमान सेतु पर नजूूल की जमीन खाली कराई थी। यहां कबाड़ी वालों का कई दशक से कब्जा था। सौ करोड़ की जमीन न्यू हैदराबाद से सटी होने के कारण क्रीम लोकेशन पर थी। कब्जाधारियों पर लविप्रा ने मुकदमा भी कराया था। अब जमीन लविप्रा के पास है। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने उसी वक्त शासन में अफसरों व कर्मचारियों के लिए ग्रुप हाउसिंग का प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इसे शासन स्तर से स्वीकृति मिल गई है। अब लविप्रा यहां कई बहुमंजिला टॉवर बनाएगा। अधिकारी और कर्मचारी मकान किराया भत्ता कटवाकर फ्लैट ले सकेंगे। अमूमन नब्बे फीसद अभियंता और अधिकारी किराए के मकान में रहते हैं। उनके लिए राहत की बात होगी। लविप्रा में दो हजार से अधिक कर्मचारी हैं।

परिसर में ही मूल भूत सुविधाएं होंगी उपलब्ध

हनुमान सेतु स्थित जमीन पर गेटेड कालोनी बनेगी। चारों तरफ से बाउंड्रीवाल होने के साथ ही रोजमर्रा की चीजों के लिए दुकाने हाेंगी। बैडमिंटन कोर्ट भी बनाया जाएगा, जो पार्क का हिस्सा होगा। गोमती नदी के किनारे बनने वाले फ्लैट आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे।

Edited By: Anurag Gupta