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यूपी बनेगा 'समृद्ध भारत' का इंजन, लखनऊ में खुलेगा क्लीन प्लांट सेंटर; सीएम योगी और शिवराज सिंह चौहान ने तैयार किया नया कृषि रोडमैप

Published: Thu, 25 Jun 2026 05:20 PM (IST)

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखनऊ में 'क्लीन प्लांट सेंटर' स्थापित करने की घोषणा की, जिससे यूपी के कृषि ...और पढ़ें

क्लीन प्लांट सेंटर से बढ़ेगी किसानों की आय

क्लीन प्लांट सेंटर से बढ़ेगी किसानों की आय

HighLights

  1. लखनऊ में 'क्लीन प्लांट सेंटर' स्थापित करने की घोषणा।

  2. किसानों की आय बढ़ाने हेतु नया कृषि रोडमैप तैयार।

  3. चना, मसूर, सरसों की MSP खरीद अवधि बढ़ाई गई।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बागवानी और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने एक मजबूत 'कृषि रोडमैप' तैयार किया है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लखनऊ में 'क्लीन प्लांट सेंटर' (Clean Plant Center) स्थापित करने का बड़ा ऐलान किया है। इस सेंटर का मुख्य उद्देश्य किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले और रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराना है, जिससे प्रदेश में बागवानी का दायरा बढ़ेगा और किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा।

यूपी के बिना 'विकसित भारत' का संकल्प अधूरा

गुरुवार को लखनऊ स्थित योजना भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में कृषि और ग्रामीण विकास योजनाओं की संयुक्त समीक्षा बैठक हुई। बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि 'विकसित भारत' का सपना बिना 'समृद्ध उत्तर प्रदेश' के पूरा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि कभी 'बीमारू' कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश ने पीएम मोदी और सीएम योगी के नेतृत्व में विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। आज यूपी जिस गति से ग्रामीण और कृषि विकास की ओर बढ़ रहा है, वह पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल है।

किसानों और गरीबों के लिए बड़े फैसले

बैठक में किसानों के हित में दो बड़े फैसले लिए गए। पहला, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर चना, मसूर और सरसों की सरकारी खरीद की अवधि बढ़ा दी गई है, जिसका आशय पत्र केंद्रीय मंत्री ने सीएम योगी को सौंपा। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने का अधिक अवसर मिलेगा। दूसरा बड़ा ऐलान ग्रामीण विकास को लेकर हुआ, जहाँ 'प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)' के आगामी चरण के लिए 6,18,482 पात्र लाभार्थियों की सूची यूपी सरकार को सौंपी गई। सीएम योगी ने पारदर्शी तरीके से हर पात्र को घर देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

96 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

बैठक का एक अहम हिस्सा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) का प्रस्तुतीकरण रहा। ICAR के महानिदेशक ने बताया कि वर्तमान में यूपी की कृषि अर्थव्यवस्था 7.41 ट्रिलियन रुपये की है। लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक इसे 96.96 ट्रिलियन रुपये तक पहुँचाया जाए। इसके लिए कृषि वृद्धि दर को 3.19% से बढ़ाकर 5.41% करना होगा। रोडमैप में धान और गेहूं पर निर्भरता कम कर दलहन, तिलहन, मोटे अनाज और मक्का की खेती पर जोर देने (कृषि विविधीकरण) की सलाह दी गई।

तकनीक, सिंचाई और सॉयल हेल्थ कार्ड पर जोर

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 'सॉयल हेल्थ कार्ड' (Soil Health Card) केवल कागज तक सीमित न रहे, बल्कि किसानों को मिट्टी की असल स्थिति और उर्वरकों के संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक किया जाए। बैठक में ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल कृषि प्लेटफॉर्म के उपयोग को 2047 तक 75% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया। साथ ही, जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'क्रिटिकल ब्लॉक्स' में मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए गए।

एफडीआर तकनीक से 1000 करोड़ की बचत

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बैठक में जानकारी दी कि यूपी ने निर्माण कार्यों में फुल डेप्थ रिक्लेमेशन (FDR) तकनीक का उपयोग करके पर्यावरण बचाने के साथ-साथ लगभग 1,000 करोड़ रुपये की बचत की है। उन्होंने इस नवाचार के लिए केंद्र से प्रोत्साहन राशि की मांग की, जिस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया। इसके अलावा, आगामी जुलाई से शुरू हो रहे 'वीबी-जी राम' (VB-GRAM) मिशन के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

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