पब्जी से दोस्ती, फर्जी आधार तक पहुंची कहानी; दो विदेशी नंबरों से बाहरी लोगों के संपर्क में था बांग्लादेशी सज्जाद
पब्जी गेम से शुरू हुई दोस्ती के बाद बांग्लादेशी सज्जाद ने फर्जी भारतीय पहचान पत्र बनवाए और एक भारतीय महिला ...और पढ़ें
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HighLights
बांग्लादेशी सज्जाद ने पब्जी दोस्ती के बाद फर्जी भारतीय पहचान बनाई।
उसके पास से दो विदेशी नंबर मिले, जिनसे वह संपर्क में था।
पुलिस विदेशी नंबरों की कॉल डिटेल और संपर्कों की जांच कर रही।
आयुष्मान पांडेय, लखनऊ। पब्जी गेम पर हुई ऑनलाइन दोस्ती से शुरू हुई कहानी फर्जी भारतीय पहचान बनाने तक पहुंच गई। बाजारखाला पुलिस की जांच में अब इस मामले में एक और अहम तथ्य सामने आया है। बांग्लादेशी नागरिक मो. सज्जाद हुसैन के पास दो विदेशी मोबाइल नंबर थे।
वह इन्हीं नंबरों के जरिए बाहरी लोगों के संपर्क में रहता था। खास बात यह है कि इन नंबरों की जानकारी उसने भारत में किसी को नहीं दी थी। पुलिस अब दोनों नंबरों की कॉल डिटेल और संपर्क में आए लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस के मुताबिक सज्जाद अवैध रूप से भारत में रहने के साथ ही अपना ठिकाना बदलने की तैयारी में था। उसके पास बांग्लादेशी पासपोर्ट के अलावा भारतीय आधार कार्ड, पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र मिले हैं। जांच में सामने आया कि इन दस्तावेजों को तैयार कराने में जनसेवा केंद्र संचालक मो. तलहा की भूमिका थी। बाजारखाला पुलिस ने सज्जाद को दो अक्टूबर की रात गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर तलहा को तीन अक्टूबर को पकड़ा गया।
ऑनलाइन बातचीत बढ़ने के बाद दोनों के बीच हुआ प्रेम संबंध
पुलिस के अनुसार सज्जाद वर्ष 2018 में पब्जी गेम खेलता था। इसी दौरान जूही इब्राहिम नाम की आइडी के जरिए उसकी पहचान भारतीय महिला फरहीन नाज से हुई। ऑनलाइन बातचीत बढ़ने के बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गया। सज्जाद 18 अगस्त 2023 को सऊदी अरब से टूरिस्ट वीजा पर लखनऊ आया था। वह फरहीन की बहन के घर रुका और 28 अगस्त 2023 को अयोध्या में कोर्ट मैरिज कर ली। इसके बाद वह लखनऊ में पत्नी के साथ रहने लगा।
पड़ोसी जनसेवा केंद्र संचालक से बनवाए थे दस्तावेज: पुलिस के मुताबिक भारत में रहने के दौरान सज्जाद को भारतीय पहचान पत्रों की जरूरत पड़ी। इसी दौरान उसकी मुलाकात पड़ोसी मो. तलहा से हुई। उसी से दस्तावेज बनवाए थे। इसके बाद नाका स्थित कोटक महिंद्रा बैंक में खाता भी खुलवाया गया। जांच में पुलिस को एक अहम विसंगति मिली। सज्जाद के नाम जारी निवास प्रमाणपत्र पर 10 अगस्त 2023 की तारीख दर्ज है, जबकि उसके पासपोर्ट के मुताबिक वह पहली बार भारत 18 अगस्त 2023 को आया था।
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यानी भारत आने से आठ दिन पहले ही उसके नाम निवास प्रमाणपत्र तैयार हो गया था। तलहा की दुकान से फर्जी निवास और जन्म प्रमाणपत्र के रंगीन प्रिंट तथा दस्तावेज तैयार करने में इस्तेमाल डेस्कटाप और सीपीयू बरामद किए गए थे। उसके मोबाइल में सज्जाद की वोटर आइडी भेजे जाने का स्क्रीनशाट भी मिला है। सज्जाद के विदेशी नंबरों के जरिए किन लोगों से संपर्क था, इसका पता लगाया जा रहा है।
