तहजीब के शहर में बजा टेक्नोलॉजी का डंका, लखनऊ में 'एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव' में यूपी ने दिखाया ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का रोडमैप
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब देश का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी और एआई इनोवेशन हब बन रहा ...और पढ़ें

योगी सरकार के एआई विजन को मिली नई गति
HighLights
उत्तर प्रदेश बन रहा देश का सबसे बड़ा टेक्नोलॉजी और एआई हब।
लखनऊ में 'एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव' ने डिजिटल कायाकल्प पर किया मंथन।
लखनऊ में पहली एआई सिटी, यूपी एआई मिशन को मिला बड़ा बजट।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजनरी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक छवि को पीछे छोड़ते हुए देश के सबसे बड़े 'टेक्नोलॉजी और एआई इनोवेशन हब' के रूप में नई पहचान बना रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को नवाबों के शहर लखनऊ में ‘एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव 2026’ का भव्य आयोजन किया गया, जहाँ देशभर से आए 50 से अधिक वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और प्रशासकों ने उत्तर प्रदेश के डिजिटल कायाकल्प पर मंथन किया। यह कॉन्क्लेव केवल एक चर्चा का मंच नहीं, बल्कि यूपी को तकनीक के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रशासनिक दक्षता का नया दौर
कॉन्क्लेव के दौरान ‘द एआई-पावर्ड पब्लिक एडमिनिस्ट्रेटर’ विषय पर आयोजित विशेष वर्कशॉप में डॉ. सुबी चतुर्वेदी (संस्थापक, NIHIT) ने भविष्य की गवर्नेंस का खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि लखनऊ अब केवल तहज़ीब का केंद्र नहीं, बल्कि नवाचार का सबसे उपयुक्त केंद्र बनकर उभरा है। इनमोबी जैसी डीपटेक कंपनियों के आगमन और मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते प्रदेश में रिसर्च, टैलेंट और आंत्रप्रेन्योरशिप का एक ऐसा इकोसिस्टम विकसित हो रहा है, जो उत्तर प्रदेश को भारत की डिजिटल शक्ति का केंद्र बना देगा।
देश की पहली एआई सिटी और भारी निवेश
योगी सरकार ने एआई की शक्ति को समझते हुए लखनऊ की वृंदावन योजना में ₹368 करोड़ की लागत से देश की पहली 'एआई सिटी' (AI City) को हरी झंडी दे दी है। इसके साथ ही, 'यूपी एआई मिशन' के लिए ₹225 करोड़ का विशेष बजट आवंटित किया गया है, जो राज्य की तकनीकी महत्वाकांक्षाओं को नई उड़ान देगा। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह के अनुसार, यह डिजिटल क्रांति उत्तर प्रदेश के 'ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' के लक्ष्य को हासिल करने में गेम-चेंजर साबित होगी।
नैतिक एआई और 'MANAV' फ्रेमवर्क पर जोर
सरकार का ध्यान केवल तकनीक के विस्तार पर ही नहीं, बल्कि उसके सुरक्षित और नैतिक उपयोग पर भी है। आईटी प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि एआई, क्वांटम और डीपटेक के लिए आधारभूत ढांचा तैयार किया जा रहा है। वर्कशॉप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘MANAV’ फ्रेमवर्क का उल्लेख करते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने जोर दिया कि भविष्य की तकनीक का केंद्र 'मानव' होना चाहिए। जवाबदेह और सुलभ एआई के माध्यम से ही समावेशी विकास और भरोसेमंद तकनीकी भविष्य का सपना साकार किया जा सकता है।
