उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर से बदल गए ये बड़े नियम: LPG सब्सिडी से लेकर FD तक... आप पर क्या होगा असर?
New Rules from 1 October | 1 अक्टूबर से आम नागरिकों के जीवन और जेब से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियम बदल गए हैं।

ये तस्वीर AI द्वारा जनरेट की गई है।
HighLights
एलपीजी सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य।
जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में देरी पर अब कोर्ट का चक्कर।
बैंक एफडी की बल्क डिपॉजिट सीमा 2 से 3 करोड़ हुई।
साक्षी गुप्ता, लखनऊ। 1 October New Rule | 1 अक्टूबर 2026 से आम नागरिकों के जीवन और जेब से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बड़ा बदलाव लागू हो गया है।
एलपीजी गैस सब्सिडी की ई-केवाईसी से लेकर बैंकों में एफडी के नियम और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने की पूरी प्रक्रिया तक में नए प्रावधान प्रभावी कर दिए गए हैं।
इन नए नियमों का आम जनता पर क्या असर पड़ेगा और आपको किन बातों का तुरंत ध्यान रखना होगा...इसको विस्तार से समझते हैं-
1- LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी
1 अक्टूबर से एलपीजी सब्सिडी का लाभ केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनका Biometric Aadhaar Authentication पूरा हो चुका है। हालांकि जिन उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन नहीं हुआ है, उन्हें भी एलपीजी सिलिंडर मिलता रहेगा। उन्हें सब्सिडी वाले रेट के बजाय बाजार मूल्य पर सिलिंडर खरीदना होगा।

कैसे कराएं सत्यापन?
इसके अलावा उपभोक्ता अपनी गैस एजेंसी के शोरूम पर जाकर, डिलीवरी बॉय के जरिए, या इंडेन, भारत गैस और एचपी के मोबाइल एप के माध्यम से अपना बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा कर सकते हैं।
2- जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने में देरी हुई तो काटना पड़ेगा कोर्ट का चक्कर
नए जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) नियमों के तहत 1 अक्टूबर से प्रक्रिया को काफी सख्त कर दिया गया है। जैसे कि यदि जन्म या मृत्यु के पंजीकरण में 2 साल से अधिक की देरी होती है, तो अब सीधे प्रमाणपत्र जारी नहीं होगा। इसके लिए प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का औपचारिक आदेश अनिवार्य कर दिया गया है।

इसके अलावा 21 दिन के भीतर निशुल्क पंजीकरण के बाद, 30 दिन से 1 वर्ष तक की देरी पर एसडीएम/डीएम या सक्षम कार्यपालक मजिस्ट्रेट की अनुमति और निर्धारित विलंब शुल्क जमा करना होगा।
3- बैंक एफडी का भी नियम बदला
भारतीय रिजर्व बैंक के नए दिशा-निर्देशों के तहत 1 अक्टूबर से बल्क डिपॉजिट की सीमा 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ कर दी गई है। हालांकि 3 लाख या 5 लाख रुपये जैसी छोटी एफडी रखने वाले आम निवेशकों की सामान्य ब्याज दरों पर इसका कोई विपरीत प्रभाव नहीं पड़ेगा।

बैंकों के लिए अब आवश्यक कर दिया गया है कि वे सुबह 10:10 बजे तक अपनी नई दरें वेबसाइट पर पारदर्शी रूप से अपडेट करें और एक ही तारीख व अवधि की समान राशि पर सभी शाखाओं में एक जैसा ब्याज लागू करें।
4- बैंकिंग रिकॉर्ड कानून
1 अक्टूबर से बैंक रिकॉर्ड के सत्यापन और प्रमाणन की कानूनी प्रक्रिया को अधिक मानकीकृत और सरल बना दिया गया है। इससे अदालती कार्यवाही और कानूनी विवादों में बैंकिंग दस्तावेजों को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करना आसान होगा।
एक नजर में देखेंः क्या-क्या होंगे बदलाव
1 अक्टूबर से SBI सैलरी पैकेज अकाउंट होल्डर्स को दूसरे बैंकों के ATM पर महीने में पांच फ्री ट्रांजैक्शन मिलेंगे, जो पहले दस थे। |
दिल्ली में 1 अक्टूबर से पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट न होने पर फ्यूल नहीं मिलेगा। |
15 अक्टूबर से UPI मर्चेंट पेमेंट पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा। |
सब्सिडी वाले सिलिंडर पाने के लिए घरेलू LPG ग्राहकों को बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा, जिन्होंने पहले ही ऐसा कर लिया है, उन्हें इसे दोबारा करने की जरूरत नहीं है। |
NPS के नए चार्ज भी लागू होंगे, जिसमें प्रति PRAN एक बार 200 रुपये और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट का 0.20% हिस्सा शामिल है। RBI का पॉलिसी फैसला 7 अक्टूबर को आना है। |
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