PNC इन्फ्राटेक की बढ़ी मुश्किलें, NHAI प्रतिबंध के बाद एलडीए ने भेजा नोटिस; पूछा- आपको क्यों ने डिबार कर दिया जाए?
एनएचएआई ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के घटिया निर्माण के लिए पीएनसी इन्फ्राटेक पर तीन साल का प्रतिबंध लगाया है। अब लखनऊ ...और पढ़ें

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर हुआ मरम्मत कार्य- पीएनसी इंफ्रा
HighLights
एनएचएआई ने पीएनसी इन्फ्राटेक पर तीन साल का प्रतिबंध लगाया।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के घटिया निर्माण के कारण हुई कार्रवाई।
एलडीए ने पीएनसी को फ्लाईओवर ठेके से डिबार करने का नोटिस दिया।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। करीब 4200 करोड़ रुपये से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के घटिया निर्माण करने वाली पीएनसी इन्फ्राटेक कंपनी की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। 11 सितंबर को एनएचएआई द्वारा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के घटिया निर्माण के कारण पीएनसी पर तीन वर्ष का प्रतिबंध लगाने के बाद अब लखनऊ विकास प्राधिकरण ने भी नोटिस जारी की है।
यह नोटिस पीएनसी को हाल में मिले 194 करोड़ रुपये की लागत से लखनऊ में बनने वाले एक फ्लाईओवर के ठेके के संदर्भ में एलडीए ने जारी की है। 18 सितंबर को नोटिस जारी कर पीएनसी से पूछा है कि क्यों ना आपको इस काम से भी डिबार कर दिया जाए।
एलडीए ने शहीद पथ को ग्रीन कारिडोर से जोड़ने के लिए फ्लाईओवर निर्माण का 215.65 करोड़ रुपये की निविदा 19 मार्च को आमंत्रित की थी। शहीद पथ इंटरसेक्शन पर गोमती नदी के दाहिने किनारे चार लेन वाले फ्लाईओवर के साथ लूप और रैंप भी बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए दो साल का समय तय किया गया है।
निविदा की तकनीकी बिड 11 अप्रैल को खोली गई थी। पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड, जीआर इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड, एचजी इन्फ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड एवं एनसीसी लिमिटेड चयनित हुई।
ग्रीन कॉरिडोर का फ्लाईओवर बनाने को एलडीए ने पीएनसी को दिया है 194 करोड़ रुपये का टेंडर
टेंडर में गावर कंस्ट्रक्शन, एम. वेंकट राव इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स, आरकेसीपीएल और रायल इन्फ्राकंस्ट्रू ने भी हिस्सा लिया था, लेकिन ये कंपनियां तकनीकी बिड में ही बाहर हो गईं। टेंडर में शामिल होकर पीएनसी इन्फ्राटेक ने 194.40 करोड़ रुपये की बोली लगाई और सबसे कम बोलीदाता रही। इसी तरह जीआर इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स ने 214.07 करोड़ रुपये, एचजी इन्फ्रा इंजीनियरिंग ने 215.11 करोड़ रुपये और एनसीसी लिमिटेड ने 216.73 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी।
एनएचएआई ने लगाया है तीन वर्ष का प्रतिबंध
पीएनसी ने इस प्रोजेक्ट के लिए 194.40 करोड़ रुपये की बोली लगाई, यह अनुमानित लागत से करीब 9.86 प्रतिशत कम है। एलडीए ने 27 मई को पीएनसी इन्फ्राटेक के पक्ष में लेटर आफ एक्सेप्टेंस (एलओए) जारी किया था। कानपुर एक्सप्रेसवे प्रकरण के बाद पीएनसी पर उठ रहे सवालों के बीच एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार का कहना है सबसे कम बोली लगाने के कारण पीएनसी इन्फ्राटेक लिमिटेड का चयन एल-1 के रूप में किया गया।
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एलडीए ने 18 सितंबर को जारी किया नोटिस
उक्त अवधि तक पीएनसी इन्फ्राटेक को लेकर किसी भी तरह का कोई विवाद सामने नहीं आया था। प्राधिकरण ने सभी निर्धारित मानकों एवं नियमों का पालन करते हुए पारदर्शी प्रक्रिया के तहत निविदा का आवंटन किया है। पीएनसी को एलओए जारी करने के डेढ़ माह माह बाद कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हुआ था।
