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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लखनऊ के इस पॉश इलाके में भी फ्लैट नहीं बेच पा रहा LDA, अब करेगा रेट कम Lucknow News

By Divyansh RastogiEdited By:
Published: Wed, 25 Sep 2019 10:05 AM (IST)Updated: Wed, 25 Sep 2019 03:43 PM (IST)

अलीगंज के 144 फ्लैट में से एक का भी कोई खरीदार नहीं मिला।

लखनऊ के इस पॉश इलाके में भी फ्लैट नहीं बेच पा रहा LDA, अब करेगा रेट कम Lucknow News
लखनऊ के इस पॉश इलाके में भी फ्लैट नहीं बेच पा रहा LDA, अब करेगा रेट कम Lucknow News

लखनऊ [ऋषि मिश्र]। राजधानी स्थित अलीगंज में लखनऊ विकास प्राधिकरण की पांच साल पुरानी सृजन और अनुभूति अपार्टमेंट योजना के 144 फ्लैट में से एक को भी आज तक खरीददार नहीं मिल सका है। इन फ्लैट का दाम प्राधिकरण दोबारा कम करने जा रहा है। इसके बावजूद खरीदार मिलेंगे, इस पर शक है। 

अलीगंज में राजधानी के लोग जमीन खरीदने को तरसते हैं और मुंहमांगी कीमत देते हैं। फिर भी वहां एलडीए के सृजन और अनुभूति अपार्टमेंट में फ्लैट नहीं बिक सके। जानकार बताते हैं कि  ये फ्लैट छोटे बनाए गए और रेट अधिक कर दिए गए। साथ ही इनको अतिक्रमण वाले इलाके और गड्ढों के आसपास बनाया गया है, जिससे आवंटी इनमें आवंटन कराने के बाद भी 20 प्रतिशत पंजीकरण राशि का नुकसान उठाने के बावजूद फ्लैट वापस कर रहे हैं। 

देवपुर पारा में पांच हजार फ्लैट खाली

देवपुर पारा में एमआईजी और बड़े फ्लैटों का भी यही हाल है। इस इलाके में अभी लोग रहना पसंद नहीं कर रहे हैं। यहां बिना डिमांड सर्वे के ही अभियंता-ठेकेदार गठजोड़ से समाजवादी लोहिया एंक्लेव का निर्माण करवाया गया। लगभग छह हजार फ्लैटों का निर्माण किया गया। इसमें से अभी एक हजार भी पूरे नहीं बिक सके हैं। दूसरी बार दाम कम किए जाने की तैयारी है। इसके बावजूद इनके बिकने की उम्मीद कम है। इसके अलावा कानपुर रोड पर मृगशिरा, रतनलोक, रश्मिलोक, आद्रा, दीपशिखा अपार्टमेंट के निर्माण में भी जम कर खेल हुआ। कहीं कामर्शियल प्लाट पर रिहायशी निर्माण किया गया और कहीं पर पार्किंग तक नहीं दी गई। इस वजह से फ्लैटों को खरीददार नहीं मिल रहे हैं।

क्या कहते हैं अफसर ? 

लविप्रा उपाध्यक्ष प्रभु एन सिंह ने बताया कि इन फ्लैटों को बेचने के लिए पहले आओ, पहले पाओ स्कीम शुरू की गई है। दाम भी कम किये जा रहे हैं, जिससे लोग इन फ्लैटों को खरीद रहे हैं।