यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lakhimpur: दो बहनों की दुष्कर्म के बाद हत्या, 15 घंटे और गिरफ्त में छह आरोपी, यहां पढ़ें पूरी टाइमलाइन
Lakhimpur Kheri Double Murder Case लखीमपुर खीरी के निघासन इलाके में बुधवार शाम दो सगी दलित बहनों के शव एक ...और पढ़ें

UP News: लखीमपुर, जेएनएन। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के निघासन क्षेत्र में अगवा कर दो सगी बहनों के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के केस में पुलिस ने गुरुवार को छह आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें से एक आरोपित की गिरफ्तारी मुठभेड़ के बाद हुई, जिसके पैर में गोली लगी है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, पहले लड़कियों को गला दबाकर मारा गया, फिर शव को पेड़ पर लटका दिया गया। पुलिस के मुताबिक यह जघन्य वारदात बुधवार शाम चार से पांच के बीच की है। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने करीब 15 घंटे में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आइये जानते हैं इन 15 घंटों में पुलिस कैसे इस वारदात का राजफाश किया।
बुधवार शाम 5 बजे : ऐसे शुरू हुआ पूरा घटनाक्रम
घर वालों का आरोप लगाया कि जुनैद, सुहैल और हफीजुल रहमान के साथ पीड़ित लड़कियों के घर पहुंचा। आरोपी लड़कियों को बहला फुसला कर ले गया। वहीं पुलिस के अनुसार बुधवार शाम चार बजे से पांच बजे के करीब किशोरियों को कोई अगवा करके लेकर नहीं गया था, बल्कि वह दोनों स्वयं किसी छोटू नामक आरोपित के साथ गई थीं, जिसके बाद उनके साथ अनहोनी हो गई। तकरीबन 5 बजे घर से लगभग एक किमी दूर एक खेत में लड़कियों के शव पेड़ से लटके मिले। उसके बाद भीड़ लगनी शुरू हो गई। इधर, आरोपी गांव से निकल चुके थे।
बुधवार शाम 5.50 बजे : किशोरियों के शव खेत में पेड़ से लटके मिले
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को नीचे उतारा गया। इसके बाद जब पुलिस पंचनामा की कार्रवाई करने लगी, तो ग्रामीणों ने रोड जाम कर दिया। पुलिस के मुताबिक, इस रोड जाम में छोटू कहीं नहीं दिखा। इधर, मामला बिगड़ता चला जा रहा था।
#WATCH | "I demand justice, the culprits should be hanged," says the father of the victims in the Lakhimpur Kheri murder case pic.twitter.com/1A7Vtg5WZL
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) September 15, 2022
बुधवार शाम 7 बजे से 9 बजे तक चला हंगामा
घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाल समेत पुलिसकर्मी और तमाम मीडिया मौके पर पहुंच गए। शाम सात बजे ग्रामीणों और पुलिस के बीच कहासुनी शुरू हो गई। पुलिस ने एंबुलेंस से शवों को लखीमपुर भेजा गया। इसके कुछ देर बाद ग्रामीण निघासन पहुंचे और कस्बे के सदर चौराहे को जाम कर दिया। एसपी संजीव सुमन चौराहे पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन मामले का हल नहीं निकल पाया। रात 9 बजे तक जाम लगा रहा और लोग हंगामा करते रहे।
बुधवार रात 10.30 बजे : पुलिस ने आरोपी छोटू को पकड़ा
ग्रामीणों के हंदामें के बीच लड़कियों की मां ने पहली बार गांव के छोटू पर बेटियों का मरवाने का आरोप अफसरों के सामने जड़ा। इसके फिर से पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते ग्रामीण फिर चौराहे पहुंचे और मां को सड़क पर लिटाकर एक बार फिर से जाम लगा दिया। इस बीच रात 10.30 बजे पुलिस ने छोटू को घर से पकड़ लिया। छोटू घर पर आराम से लेटा हुआ था। पुलिस ने छोटू से पूछताछ शुरू की। छोटी ने सारी बात उगल दी। छोटू ने ही आरापी जुनैद और सुहैल के नंबर पुलिस को उपलब्ध कराए।
बुधवार रात 11.30 बजे : आरोपी घर पहुंचे
रात करी 10 बजे आईजी लक्ष्मी सिंह निघासन चौराहे पर पहुंचीं और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और इसके बाद घटनास्थल के लिए रवाना हो गईं। इस बीच सभी आरोपी अपने अपने घर पहुंच चुके थे। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी रात साढ़े ग्यारह बजे के करीब में फरार होने की योजना बनाकर घर गए थे। सभी को रात को 12 बजे गांव के बाहर मिलना था।
रात 12.30 बजे : सुहैल, हफीजुलर्रहमान और करीमुद्दीन दबोचे गए
पांचों आरोपी रात में गांव के बाहर मिलने की योजना बनाकर निकले थे। सुहैल अपनी बाइक से सबसे पहले गांव के बाहर पहुंचा, फिर हफीजुलर्रहमान और करीमुद्दीन आ गए। ये लोग गांव छोड़ने के लिए अपने दोनों साथियों का इंतजार कर रहे थे। इसी बीच करीब 12.30 बजे पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने रात को ही आरिफ को भी पकड़ लिया। इधर, आईजी के समझाने के बाद ग्रामीण परिजनों के साथ कोतवाली पहुंचे। मां की तरफ से एसपी संजीव सुमन को तहरीर दी गई।
गुरुवार सुबह 8 बजे : जुनैद मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
छोटू समेत चार आरोपी गिरफ्तार होने के बाद पुलिस मुख्य आरोपी जुनैद की तलाश में जुट गई। उसका मोबाइल भी सर्विंलांस पर था, सुबह करीब 4 बजे के आस पास उसकी लेकेशन गांव के ही खेतों में मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर ली। पुलिस के सामने आते ही जुनैद ने गोली चलाने की धमकी दी। पुलिस ने भी गोली चलाई जो उसके पैर में लगी। वह गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
गुरुवार सुबह 9 बजे : पूरी वारदात का खुलासा
एसपी संजीव सुमन ने प्रेस कांफ्रेंस करके घटना का खुलासा किया। छह आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। एसपी संजीव सुमन ने बताया कि बुधवार को निघासन में दो सगी बहनों के शव पेड़ से लटके मिले थे। जिन छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें जुनैद, सुहैल, हफीजुर्रहमान, छोटे उर्फ आरिफ, करीमुद्दीन, व छोटू गौतम हैं। आरोपितों में छोट़ू उसी गांव का है, जबकि अन्य पांच लालपुर गांव के रहने वाले हैं। एक आरोपित जुनैद झंडी चौकी क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद जख्मी भी हुआ है। उसके पैर में गोली लगी है। उससे 315 बोर का तमंचा, दो कारतूस व एक खोखा कारतूस बरामद हुआ।
गुरुवार सुबह 10 बजे : शवों को डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम
गुरुवार सुबह 10 बजे दोनों बहने के शवों को डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे। परिवार के सिपुर्द किए गए। वारदात की खबर सामने आने के बाद विपक्षी दल सक्रिय हो गए और पोस्टमार्टम हाउस से लेकर गांव तक उनकी हलचल पूरे दिन रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, पहले लड़कियों को गला दबाकर मारा गया, फिर शव को पेड़ पर लटका दिया गया।
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गुरुवार शाम 5.45 बजे : शवों का अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद घरवालों ने दोनों किशोरियों के अंतिम संस्कार करने से तब तक इन्कार कर दिया जब तक उनकी मांगें पूरी न हो जाएं। उनकी मांग थी कि परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद, एक आवास और एक सरकारी नौकरी दी जाए, जिस पर घंटों तक प्रशासन परिवार को समझाता रहा। आखिरकार देर शाम प्रशासन को सफलता मिली। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि परिवार को आश्वस्त किया गया है कि उनकी वाजिब मांगें मानी जाएंगी। शासन को अवगत करा दिया गया है और परिवार ने स्वेच्छा से अंतिम संस्कार कर दिया है।
