लखनऊ: केजीएमयू में मरीज से पैसे ऐंठने का आरोप, 500 न देने पर एक घंटे तक आईसीयू के बाहर फंसी रही प्रसूता
लखनऊ के केजीएमयू के क्वीन मेरी अस्पताल में एक प्रसूता को आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट करने के लिए ...और पढ़ें
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यह तस्वीर एआई के द्वारा बनाई गई है।
HighLights
केजीएमयू में प्रसूता को वार्ड शिफ्ट करने के लिए मांगे 500 रुपये।
कर्मचारी द्वारा पैसे मांगने पर प्रसूता को एक घंटा इंतजार करना पड़ा।
विभाग अध्यक्ष ने मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। केजीएमयू के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग क्वीन मेरी में प्रसूता को आइसीयू से जरनल वार्ड शिफ्ट करने के लिए पांच सौ रुपए मांगने का आरोप लगाया गया है। बुधवार को एक तीमारदार से कर्मचारी प्रसूता को वार्ड में पहुंचाने के लिए रूपये मांगे। इस पर तीमारदार से काफी बहस भी हुई।
करीब एक घंटा तक प्रसूता इंतजार करती रही, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। तीमारदार ने बताया कि सिर्फ एक नहीं, बल्कि जितनी कर्मचारी हैं सभी पैसे के बिना कोई मदद नहीं करती हैं।
बुधवार को पहले तल पर एक गरीब महिला तीमारदार आइसीयू के बाहर एक कर्मचारी से लड़ती नजर आई। पूछने पर पता चला कि कर्मचारियों के रुपये मांगने से परेशान हैं। महिला ने बताया कि जगह-जगह उससे कर्मचारी रुपये मांग रहे हैं।
आइसीयू से प्रसूता को जनरल वार्ड में ले जाने के लिए उससे एक महिला कर्मचारी पांच सौ रुपये मांग रही थीं। नहीं देने पर दुर्व्यवहार करते हैं। इसकी को लेकर दोनों में लड़ाई हो रही थीं। अगर खुशी से पांच सौ से कम रुपये दो तो लेने को तैयार नहीं होते हैं। आइसीयू से वार्ड में लेने जाने के लिए पांच सौ रुपए मांगना उगाही करने जैसा है।
अस्पताल परिसर में पैसे मांगना गलत है। यदि किसी ने ऐसा किया है तो तीमारदार से कर्मचारी की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी। - प्रो. अंजू अग्रवाल, अध्यक्ष, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग क्वीन मेरी, केजीएमयू
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