KGMU के एक और डॉक्टर पर प्राइवेट प्रैक्टिस के आरोप, जांच शुरू; कुलपति ने सात दिन में मांगी रिपोर्ट
केजीएमयू के मेडिसिन विभाग में डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच विवाद हुआ है, जिसमें डॉक्टर पर प्राइवेट प्रैक्टिस और नर्सिंग स्टाफ का वीडियो बनाने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

HighLights
केजीएमयू में डॉक्टर-नर्सिंग स्टाफ के बीच विवाद, गंभीर आरोप।
डॉक्टर पर प्राइवेट प्रैक्टिस, वीडियो बनाने के आरोप लगे।
कुलपति ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की, रिपोर्ट एक सप्ताह में।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। केजीएमयू के मेडिसिन विभाग में शुक्रवार को डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच विवाद हो गया। डाक्टर पर प्राइवेट प्रैक्टिस और नर्सिंग स्टाफ का वीडियो बनाने के आरोप हैं। इस घटना की जानकारी होने पर कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने पांच सदस्यीय समित गठित की है, जो एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपेगी।
सूत्रों के मुताबिक, डाक्टर और नर्सिंग स्टाफ के बीच नोकझोंक के बाद विभाग में चल रही कथित अव्यवस्थाओं को लेकर जमकर हंगामा हुआ। डाक्टर पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने, इंडोस्कोपी लैब में बाहरी व्यक्ति को बुलाकर जांच कराने और नर्सिंग स्टाफ का वीडियो बनाने समेत कई आरोप लगाए गए हैं।
इससे संबंधित फोटो-वीडियो संस्थान के अधिकारियों को सौंपा गया, जिसके बाद शनिवार को कुलपति ने मामले की जांच के आदेश दिए। हाल ही में एक सीनियर डाक्टर पर प्राइवेट प्रैक्टिस का आरोप लगा है। इसकी जांच चल रही है।
क्या है आरोप?
आरोप है कि डाक्टर डालीगंज सीतापुर रोड के निजी अस्पताल में प्राइवेट प्रैक्टिस करते हैं। विभाग की इंडोस्कोपी लैब में बाहरी व्यक्ति को भी बैठाने और जांच कराने का आरोप है। इंडोस्कोपी करने वाले व्यक्ति को डाक्टर का रिश्तेदार बताते हैं। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सवाल यह है कि यदि बाहरी व्यक्ति रिश्तेदार है तो लैब में क्यों बैठता है? विवाद के दौरान एक महिला नर्सिंग स्टाफ ने डाक्टर पर चुपके से ड्यूटी के दौरान अलग-अलग दिनों में वीडियो बनाए जाने का आरोप लगाया।
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नोकझोंक और हंगामे की सूचना मिलने पर मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डा. वीरेंद्र आतम समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को समझाकर किसी तरह मामला शांत कराया। केजीएमयू नर्सेस एसोसिएशन की अध्यक्ष यदुनंदिनी सिंह, महामंत्री जितेंद्र उपाध्याय ने कुलपति को पत्र लिखकर पीड़ित नर्सिंग स्टाफ को न्याय दिलाने की मांग की है।
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कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद के आदेश पर प्रति कुलपति प्रो. अंजू अग्रवाल की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है, जिसमें मेरे अलावा चिकित्सा अधीक्षक प्रो. सुरेश कुमार, डा. रश्मि कुशवाहा व सर्जरी विभाग के डा. सुरेंद्र कुमार शामिल हैं। -प्रो. केके सिंह, डीन एवं प्रवक्ता, केजीएमयू
