किसान क्रेडिट कार्ड से कितना लोन मिलता है? जानें ब्याज, जमीन की शर्त और आवेदन का पूरा तरीका
Kisan Credit Card Yojana - किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत किसान 3 लाख रुपये तक का लोन 7% ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
किसानों को 3 लाख तक का लोन 7% ब्याज पर मिलता है।
समय पर भुगतान करने पर ब्याज दर 4% तक घट जाती है।
आवेदन के लिए जमीन, आधार, पैन कार्ड जैसे दस्तावेज जरूरी हैं।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। किसानों को आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) योजना की शुरू की है, जिसमें किसान अपनी जरूरत के अनुसार, 3 लाख तक का लोन (ऋण) ले सकते हैं। खास बात यह है कि इसके लिए किसानों को किसी भी तरह की गिरवी या गारंटी देने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे किसान को कर्ज का बोझ बढ़ाने वाले ब्याज से राहत रहती है।
भारत सरकार के साथ राज्य सरकारों ने भी किसानों के हित में कई योजनाएं लांच की हैं, लेकिन केसीसी योजना अब तक की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में अव्वल बनी हुई है। हालांकि, जिन किसानों के पास केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) नहीं है, उनको इस योजना से अब वंचित रहने की आवश्यकता नहीं है।
केसीसी लोन की जानकारी
किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए किन दस्तावेजों की आवश्यकता है और इसके लिए क्या पात्रता होनी चाहिए? इन सभी सवालों के जवाब इस आर्टिकल में समाहित हैं। नीचे पढ़ें केसीसी के बारे में और जानें कि इस योजना का लाभ कैसे लिया जा सकता है?
केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) क्या है?
केसीसी एक विशेष प्रकार का क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card) होता है, जो किसानों को ही जारी किया जाता है। यह योजना नेशनल बैंक फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट ने शुरू की थी, जिसका लाभ देश के सभी किसान उठा सकते हैं। पीएम किसान योजना के लाभार्थी भी इस स्कीम का लाभ ले सकते हैं।
केसीसी का ब्याज कितना लगता है?
किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत किसान मात्र 7 फीसदी ब्याज दर (KCC Interest Rate) पर 3 लाख रुपये तक का लोन ले सकते हैं। योजना की सबसे खास बात यह है कि अगर समय पर लोन चुकाया जाए तो ब्याजराशि पर 3 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है, जिससे ब्याज मात्र 4 प्रतिशत ही लगता है।
केसीसी लोन कैसे मिलता है?
केसीसी लोन लेने के लिए किसी भी बैंक में ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकता है। देश की लगभग सभी बैंकों की आधिकारिक वेबसाइट पर KCC अप्लाई करने का ऑप्शन रहता है। इसके अलावा अपने नजदीकी बैंक शाखा में ऑफलाइन आवेदन भी किया जा सकता है, जिसके लिए इन दस्तावेजों की आवश्यकता होती है-
- जमीन के दस्तावेज: जमीन की खसरा-खतौनी या जमाबंदी
- पासपोर्ट साइज फोटो
- एड्रेस प्रूफ
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- मोबाइल नंबर
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए कितनी जमीन होनी चाहिए?
किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए आवेदक के पास जमीन होना अनिवार्य है, लेकिन इसके किसी भी प्रकार की न्यूनतम या अधिकतम सीमा नहीं तय की गई है। जिन किसानों के पास अपनी जमीन नहीं है, वे भी पट्टे की भूमि या किराए की भूमि पर केसीसी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
लाभ लेने की पात्रता (KCC Loan Eligibility)
- इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान होना जरूरी है।
- पट्टे की या फिर किराए की जमीन होना जरूरी है।
- आवेदक की उम्र 18-75 साल के बीच होनी चाहिए।
- 60 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए एक सह आवेदक जरूरी होता है।
किसान क्रेडिट कार्ड के फायदे
किसान क्रेडिट कार्ड की सबसे फायदेमंद बात यह है कि इस योजना में किसानों को खेती के लिए बहुत ही कम ब्याज पर लोन मिलता है। किसानों को बीज, उर्वरक, कीटनाशक और अन्य कृषि निवेश खरीदने में मदद करता है, जिससे खेती की लागत का प्रबंधन आसान होता है। आवेदन करने के 15 दिन के भीतर ही आवेदक को किसान क्रेडिट कार्ड मिल जाता है।
किसान क्रेडिट कार्ड धारक की मृत्यु होने पर क्या होता है?
केसीसी धारक की मृत्यु होने पर मौजूदा ऋण सीधे तौर पर माफ नहीं होते। इस ऋण की जिम्मेदारी केसीसी धारक की संपत्ति के उत्तराधिकारी पर ही जाती है। हालांकि, केसीसी धारक ने योजना के तहत कोई बीमा लिया होता है तो उसके क्लेम से मिलने वाली राशि से ऋण चुकाया जा सकता है।
केसीसी न जमा करने पर क्या होता है?
यदि केसीसी धारक किसी कारणवश लोन नहीं चुकाता है तो बैंक इसके लिए पहले नोटिस भेजता है। इसके 90 दिनों के अंदर भुगतान नहीं किया जाता तो खाते को एनपीए (Non Performing Assets) घोषित किया जाता है। इसके बाद रिकवरी शुरू होती है। नियमानुसार, लोन न चुकाने पर जमीन जब्त और नीलाम करने का भी प्रावधान है।
