लखनऊ, जेएनएन। हाथों में पिया के नाम की मेहंदी सजी है। सोलह श्रृंगार भी होगा। सज धज कर आज चांदनी देखेगी चांद। यूं तो हर सुहागिन के लिए करवाचौथ का दिन खास होता है, पर पहली बार करवाचौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। आइए जानते हैं पहली बार सुहाग के पर्व को मनाने जा रहीं महिलाओं के उमंग के बारे में...

सगाई के बाद आठ महीने का इंतजार

त्रिवेणी नगर प्रथम निवासी प्रीती तिवारी बताती हैं, हमारी सगाई आठ महीने पहले हो गई थी। फिर शादी का इंतजार करते रहे। करवाचौथ को लेकर बहुत ही उत्साहित हूं। हाथों में उनके नाम की मेहंदी लगवा ली है। पति आकाश तिवारी मेरी बहुत मदद करते हैं। मैंने उनसे गिफ्ट नहीं मांगा, बस छुट्टी लेकर मेरे साथ रहने का वादा लिया है।

आज चांदनी देखेगी चांद...

पहली बार करवाचौथ व्रत रखने के लिए उत्साहित सुहागिनें 

सोलह श्रृंगार कर करेंगी चांद में पिया का दीदार 

व्रत रखा है मैंने 

सुहाग के लिए 

सात जन्मों के साथ के लिए 

प्यार भरे अहसास के लिए 

अटूट विश्वास के लिए 

मेरे श्रृंगार का हर रंग 

तुम से है, तुम्हारे लिए है 

मेरे जीने के हर ढंग में 

तुम ही तो हो

व्रत रखा है मैंने 

तुम्हारे लिए, हमारे लिए...।। 

शादी वाला लहंगा पहनूंगी

सीतापुर रोड स्थित इंद्रपुरी कॉलोनी निवासी निकिता सिंह अपने पहले करवाचौथ को खास बनाने के लिए शादी वाला लहंगा पहनेंगी। निकिता कहती हैं, मेरे मायके में करवाचौथ नहीं मनाया जाता है। पर ससुराल में इसे मनाने का रिवाज है। मैं बहुत उत्साहित हूं। कई तरह के व्यंजन बनाने की तैयारी है। मेरे पति जय सिंह भी छुट्टी लेकर मेरी मदद करेंगे।

सासू मां ने भिजवायी सरगी 

विनम्र खंड गोमती नगर निवासी प्रीति बताती हैं, मेरी सासू मां ने सरगी भिजवायी है। सूरज निकलने से पहले उसे खाकर व्रत रखूंगी। मेहंदी तो पहले ही लगवा ली है। करवाचौथ पर पूरे सोलह श्रृंगार करूंगी। व्रत पूरा करने के बाद उड़द की दाल और चावल के आटे का फरा बनाएंगे। पति विकास राव ने मुझे रिंग गिफ्ट की है। व्रत खत्म होने के बाद हम लोग बाहर घूमने भी जाएंगे।

...और प्यार में बदल गई क्षणिक मुलाकात

चंद्र प्रकाश दीक्षित लखनऊ में बैंकिंग की तैयारी करने आए थे। कुछ दिन बाद ही लोहिया संस्थान में नौकरी लग गई। इस दौरान गृह जनपद लखीमपुर आना जाना रहा। घर जाते वक्त 2018 में शिवा शुक्ला से मुलाकात हो गई। शिवा से क्षणिक मुलाकात प्यार में तब्दील हो गई। एक-दूसरे से जरा भी दूर रहना गंवारा नहीं था। ऐसे में उसी वर्ष विवाह के बंधन में बंध गए। दोनों करवाचौथ पूजा को लेकर काफी उत्साहित हैं। 

मोहब्बत जिंदाबाद थी, जिंदाबाद रहेगी

बात 2010 की है। घर के सामने कुछ लोग रहने आए। एक दिन छत पर क्रिकेट खेलते वक्त गेंद सामने की छत पर जा गिरी। इस दौरान जिस लड़की (रुचि) ने गेंद वापस की, उस पर दिल आ गया। काफी दिनों तक ना-ना की। धीरे-धीरे बात आगे बढ़ी। इसके बाद ताउम्र रिश्ता निभाने का वादा हुआ। दोनों का प्यार परवान चढ़ा। साथ ही भविष्य के प्रति भी संजीदा रहे। ऐसे में चिकित्सक बनने का लक्ष्य तय किया। अलग-अलग कॉलेज से डॉक्टरी की डिग्री हासिल की। शादी का लंबा इंतजार करना पड़ा। परिवार के लोगों को भी समझाना पड़ा। गत वर्ष आठ मार्च को डॉ. रुचि व डॉ. विधान की शादी हुई। उनका पहला करवा चौथ है। इसको लेकर डॉ. रुचि ही नहीं डॉ. विधान भी काफी उत्साहित हैं। डॉ. विधान का कहना है कि मेरी पत्नी ही मेरी जिंदगी है। इस दौरान पत्नी के लिए यही कहूंगा... मोहब्बत जिंदाबाद थी, जिंदाबाद है और जिंदाबाद रहेगी।

देर मत करना, भूख बर्दाशत नहीं होती

सेक्टर सात इंदिरानगर की रहने वाली स्नेहा शुक्ला बताती हैं कि बचपन में मां को करवाचौथ व्रत बड़े ही उल्लास से रखते हुए देखा है। उस वक्त मां से इस व्रत को रखने की इच्छा भी जाहिर की थी पर उन्होंने बताया कि यह व्रत केवल विवाहित महिलाएं ही रख सकती हैं। आज मैं पहली बार करवाचौथ व्रत रखने को लेकर बेहद उत्साहित हूं। मैंने पति विपिन शुक्ला को करवा वाले दिन घर समय से आने को कहा है क्योंकि मुझे भूख बर्दाशत नहीं होती है।   

 

Posted By: Anurag Gupta

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